मोरना। गांव बेहड़ा सादात की प्रधान अंजू चौधरी पर लगे घोटालों के आरोप जांच में तथ्यों से परे और साक्ष्य विहीन पाए गए। आरोपी ग्राम प्रधान को क्लीन चिट मिली है। गांव के करीब 13 लोगों ने उन पर विकास कार्यों में घोटाला किए जाने आरोप लगाए थे।
बेहड़ा सादात निवासी प्रवीण पुत्र राजपाल सहित कुल 13 लोगों ने नाला मरम्मत, मिट्टी भराव, सड़क का इंटरलॉकिंग कार्य, इंटरलॉक टाइल्स, खेल के मैदान, चैनर, हैंडपंप रिबोर, सोलर लाइट, स्कूल में आरओ व कूलर, आंगनबाड़ी केंद्र पर फर्नीचर, श्मशान घाट में टिनशेड निर्माण, यात्री शेड और खड़ंजा सहित कुल 22 बिंदुवार शिकायतें की थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। इसके बाद डीएम चंद्रभूषण सिंह के आदेश पर छह सितंबर को जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य के साथ पूरी टीम गांव पहुंचीं और निरीक्षण कर मामले की जांच की। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता चंद्रबोस ने बताया कि प्रथम दृष्टया पाया गया कि शिकायतकर्ताओं की शिकायत तथ्यों से परे और साक्ष्य विहीन है। इसी आधार पर प्रधान को क्लीन चिट दी गई है।
इन लोगों ने की थी शिकायत
ग्राम प्रधान के खिलाफ घोटालों की शिकायत करने वालों में विजयपाल, रविंद्र, लालसिंह, प्रवीण, नरेंद्र, मनोज, सतीश, राजपाल, अरुण, कंवरपाल, संजू, सुरेंद्र सिंह, दयाचंद आदि शामिल है। सभी लोगों ने कार्यों में प्रधान द्वारा दर्शाए गए रुपयों पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जितना खर्च दिखाया गया है, उतना विकास कार्यों के दौरान नहीं हुआ।
चुनाव को लेकर कुछ लोग रंजिश रखते है। ऐसे लोगों को विकास कार्यों में अड़ंगा लगाने की आदत है। वह नहीं चाहते कि गांव में विकास कार्य हो। हम गांव में विकास कार्य की गति नहीं रुकने देंगे। - अंजू चौधरी, ग्राम प्रधान