अमर उजाला की टीम ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान के तहत मुजफ्फरनगर जिले की पुरकाजी विधानसभा पहुंची। यहां लोगों ने विकास, रोजगार, सुरक्षा, शिक्षा और सड़क जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। इसी क्रम में अमर उजाला की टीम ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान के तहत प्रदेश की विधानसभाओं में जनता का मूड जानते हुए मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र पहुंची। यहां से आरएलडी के विधायक अनिल कुमार हैं। स्थानीय निवासियों ने विकास, रोजगार, सुरक्षा, शिक्षा, सड़क और सफाई जैसी समस्याओं पर खुलकर अपनी राय व्यक्त की।
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किसानों की मांगें और कानून व्यवस्था पर राय
पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र में किसानों से बातचीत के दौरान, योगी सरकार में कानून व्यवस्था में सुधार की सराहना की गई। किसानों ने सुरक्षा और महिला सुरक्षा को बेहतर बताया। उन्होंने विधायक अनिल कुमार के काम की भी प्रशंसा की और कहा कि वे लोगों की समस्याओं में उनके साथ खड़े रहते हैं। किसानों की एक मांग पुरकाजी को तहसील का दर्जा दिलाना है, क्योंकि वर्तमान में उन्हें मुजफ्फरनगर तहसील जाने में पूरा दिन लग जाता है, जिससे परेशानी होती है।
शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर युवाओं से बात
अमर उजाला की टीम ने युवाओ से बात की। युवाओं ने शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कॉलेज या कोचिंग सेंटर खोलने की मांग की ताकि स्थानीय युवाओं को बाहर पढ़ने न जाना पड़े।
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पुरकाजी विधायक के काम से जनता कितनी संतुष्ट?
स्थानीय निवासियों ने विधायक अनिल कुमार के कामकाज से संतुष्टि व्यक्त की और 'डबल इंजन' सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में गुंडागर्दी कम हुई है और रात में भी खेतों में जाने में कोई समस्या नहीं आती। भविष्य में भी इसी सरकार के बने रहने की इच्छा व्यक्त की गई। निवासियों ने एक बड़े अस्पताल की मांग की है ताकि उन्हें इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। यह भी बताया गया कि वर्तमान विधायक लोगों के सुख-दुख में शामिल होते हैं।
विकास पर लोगों ने रखी अपनी बात
विकास के मुद्दे पर लोगों ने कहा कि विधायक उनके काम करते हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है। शिक्षकों की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था की भी सराहना की गई। हालांकि, सरकार से मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने की मांग भी की गई। एक अन्य व्यक्ति ने 32 बिस्तरों वाले अस्पताल के बारे में बात की, जो मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के स्तर का है, लेकिन वहां कुछ काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के मुद्दे पर ही वे आगामी चुनाव में वोट करेंगे।