सनातन घर्म सभा के भवन में कथा सुनाते हिमेश शास्त्री।
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धर्म के मर्म को सूक्ष्मता से समझाया
मुजफ्फरनगर। श्रीजी सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में तृतीय दिवस में महाराज हिमेश शास्त्री ने महाभारत के प्रसंगों का वर्णन करते हुए द्रोपदी के चरित्र की करुणा का अत्यंत सुंदर वर्णन किया। जीवन में धर्म के मर्म को बहुत सूक्ष्मता से सरल भाषा में बताते हुए जीवन को धर्म के मार्ग पर चलाने के लिए प्रेरित किया।
सनातन धर्म सभा भवन में कथा व्यास हिमेश शास्त्री ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए समाज सेवा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलने से हम शंकाओं और चिंता से मुक्त हो जाते हैं। जीवन में यदि तनाव से मुक्ति चाहते हैं तो नैतिक आचरण जरूरी है। छल, कपट और झूठ से दूर रहना होगा। महाराज ने कथा के अंतिम दिवस दो बजे से छह बजे तक चलने वाले रक्तदान शिविर के लिए लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। कथा में पंडित राज भारद्वाज, बाबूराम कौशल, अनिल अग्रवाल, मुख्य यजमान इंजीनियर भोपाल सिंह अहलावत, ललित अरोरा, ईश कौशल, विनय शर्मा, विनय कुमार अग्रवाल, किशनलाल खेड़ा, संजीव धीमान, पीयूष शर्मा, संजय गुप्ता आदि ने कथा में व्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।