मुजफ्फरनगर। मार्ग प्रपत्र में हेराफेरी कर दो लाख रुपये से अधिक का गबन करने के आरोपी रोडवेज परिचालक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी एवं गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है। डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजकुमार तोमर की ओर से यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी परिचालक की संविदा पहले ही समाप्त कर दी गई है।
मुजफ्फरनगर डिपो के एआरएम बीपी अग्रवाल ने 18 अक्तूबर 2019 को चेकिंग में दौराला क्षेत्र में टोल प्लाजा पर डिपो की बस पर तैनात परिचालक राकेश कुमार की गाड़ी चेक की थी। मार्ग प्रपत्र में संदेह होने पर उन्होंने उसे जब्त कर लिया था। परिचालक दिल्ली-देहरादून मार्ग पर चलता था। मार्ग प्रपत्र की जांच में गड़बड़ी सामने आई। दो सदस्यों की टीम द्वारा माह अक्तूबर के मार्ग पत्र को चेक कराए गए तो उनमें हजारों का घोटाला पकड़ा गया। एआरएम ने आरएम सहारनपुर मनोज पुंडीर को अवगत कराया। उन्होंने अक्तूबर सहित मई तक के मार्ग प्रपत्र अपने पास मंगवा लिए। एआरएम ने मार्ग प्रपत्रों को चेक करने वाले लिपिक रणवीर सिंह को दिसंबर माह की शुरुआत में निलंबित कर दिया था। मई से अक्तूबर तक के मार्ग प्रपत्रों में आरएम की चेकिंग में 228194 रुपये का घोटाला सामने आया। आरएम ने मुजफ्फरनगर कार्यालय से मई से पहले के सभी मार्ग प्रपत्र मंगवा लिए हैं। एआरएम ने परिचालक राकेश कुमार के विरुद्ध गबन की रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। जिसके आधार पर शनिवार को आरोपी परिचालक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।