मुजफ्फरनगर। राज्य वन्य जीव बारहसिंघा अभ्यारण्य क्षेत्र में अवैध खनन के मामले में जानसठ रेंज के रेंजर रविकांत चौधरी, वन दरोगा और दो वन रक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने मामले की जांच कराई थी।
डीएफओ कन्हैया पटेल ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई गई थी। हस्तिनापुर सेंक्चुरी क्षेत्र में आने वाले कासमपुर खोला और टिकौला वन ब्लॉक क्षेत्र में कृषि भूमि से अवैध खनन पाया गया। यह पूरा क्षेत्र बारहसिंघा अभ्यारण्य क्षेत्र में आता है। इसके अलावा फायर लाइन के लिए पौधों को नष्ट कर अवैध खनन के लिए रास्ता बनाया गया था। रेंजर की ओर से किसानों की निजी भूमि पर अवैध खनन और सेंक्चुरी क्षेत्र में रास्ता बनाने पर कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। विभाग से खनन और रास्ते की अनुमति भी नहीं ली गई थी। मुख्य वन संरक्षक तक मामला पहुंचा तो रेंजर रविकांत चौधरी, वन दरोगा रमेश चंद और वन रक्षक दीपक कुमार व प्रवेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। रेंजर पर मुख्य वन संरक्षक, दरोगा पर मेरठ कार्यालय से कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान रेंजर को मेरठ कार्यालय से अटैच किया गया है।