महिलाओं को भी मिले जिम्मेदारी
राकेश टिकैत ने कहा कि इसी प्रकार यदि घर की बुजुर्ग महिला का निधन हो जाए तो परिवार की बड़ी बहू को भी घर की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए। इससे परिवार और समाज में महिलाओं को सम्मान मिलेगा।
इसके बाद उन्होंने विमला देवी के बड़े पुत्र सुधीर कुमार की पत्नी और घर की बड़ी पुत्रवधू सुनीता राठी को परिवार की जिम्मेदारी सौंपी। शोक सभा में मौजूद बुजुर्ग महिलाओं के माध्यम से उन्हें घर की एक चाबी और किसान परिवार की पहचान के रूप में दराती दिलाई गई।
महिलाओं ने किया स्वागत
शोक सभा में मौजूद महिलाओं ने इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना था कि पहली बार किसी ने इस प्रकार महिलाओं को परिवार की जिम्मेदारी देकर सम्मान देने का प्रयास किया है। लोगों का मानना है कि इस पहल से समाज में महिलाओं की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।