रजवाहे की पटरी टूटने के बाद खेतों में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
रतनपुरी क्षेत्र के गांव सठेड़ी में एक बार फिर से रजवाहे की पटरी के टूटने से दो गांवों के दर्जनों किसानों की गेहूं और ईख की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है। गांव सठेड़ी रजवाहे की पटरी रविवार रात टूट गई। पटरी के टूटने से गांव सठेड़ी और गांव बड़सू दोनों गांवों के किसानों रामकिशन, राधेलाल, भवानी, सतपाल, सतीश कुमार, धर्मपाल, सौराज, राजकुमार, बालकिशन, प्रमोद कुमार, सुरेश सिंह, रामपाल, बुद्ध सिंह आदि किसानों की गेहूं और ईख की फसल जलमग्न हो गई।
जिससे किसानों को लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों का कहना है कि 16, 17 फरवरी को भी रजवाहा की पटरी टूटने से लाखों रुपयों का नुकसान हुआ था। इस रजवाहे की पटरी बार-बार टूट जाती है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी पटरी की मरम्मत करके चले जाते हैं। लेकिन उसका पुख्ता इंतजाम नहीं करते हैं। ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने टूटी पटरी के संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है। किसानों ने पानी से हुई बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग उच्चाधिकारियों से की है।