चरथावल। कस्बे के रहने वाले राजेंद्र दत्त त्यागी वर्ष 1967 में कांग्रेस के टिकट पर मोरना से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इससे पहले आजाद भारत की पहली विधानसभा 1952 में उन्हें मुजफ्फरनगर पश्चिमी सीट विधायक चुना गया था। दूसरी बार खतौली से विधायक बने और फिर मोरना से चुनाव लड़ा था। उनकी सादगी के किस्से लोग खूब सुनाते हैं।
किसान परिवार में जन्मे स्वाधीनता सेनानी राजेंद्र दत्त त्यागी तीन बार राष्ट्रीय कांग्रेस ने टिकट देकर विधायक बनाया। 1957 में डबल सीट से विधायक चुने जाने की योजना में भी उन्हें चरथावल-खतौली सीट से दोबारा एमएलए बनने का गौरव प्राप्त हुआ। गुटबाजी के कारण पार्टी ने 1962 में टिकट काट दिया। लेकिन उन्होंने पूरी मेहनत के साथ पार्टी के उम्मीदवार को चुनाव लड़ाकर लखनऊ भिजवया। 15 अक्तूबर 1968 को उन्होंने मुजफ्फरनगर में पार्टी का प्रांतीय सम्मेलन कराया। उसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंंदिरा गांधी ने शिरकत कर कामयाबी के लिए पीठ थपथपाई थी। नई मंडी से चरथावल बस स्टैंड पैदल जाते थे। वह कहा करते थे कि पैदल चलने से लोगों से संपर्क एवं शरीर स्वस्थ रहता है।