एमजी वर्ल्ड विजन स्कूल में स्पिक मैके के कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देते कलाकार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मणिपुरी में राधा-कृष्ण के नृत्य ने अभिभूत किया
मुजफ्फरनगर। स्पिक मैके ने एमजी वर्ल्ड विजन स्कूल में पारंपरिक मणिपुरी वेशभूषा से सुसज्जित सिनाम बासु सिंह के नृत्य दल की प्रस्तुति कराई। श्रीकृष्ण और राधा की नयनाभिराम छवि ने दर्शकों को अभिभूत कर दिया। बासु सिंह ने विद्यार्थियों को मणिपुरी नृत्य की बारीकियां बताते हुए उनसे कुछ मुद्राओं का अभ्यास भी कराया।
स्पिक मैके की विरासत 2019 श्रृंखला के अंतर्गत एमजी वर्ल्ड विजन स्कूल में मणिपुरी नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार सिनाम बासु सिंह ने अपने सह कलाकारों के साथ भव्य प्रस्तुति दी। मणिपुरी नृत्य की पृष्ठभूमि बताते हुए उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ मणिपुर के पारंपरिक उत्सव श्लाई हरोबाश में किए जाने वाले श्माइबीश नृत्य से किया। स्थानीय देवता को प्रसन्न किए जाने वाले इस मणिपुरी नृत्य के मूल भक्ति भाव को बखूबी नृत्य में ढाला गया। सिनाम बासु की दूसरी प्रस्तुति को मणिपुरी शैली में बेहद प्रभावी अंदाज में प्रस्तुत किया। इस रचना पर उन्हें राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। मणिपुरी नृत्य की 364 मुद्राओं से पूरे शरीर के विभिन्न अंगों को प्रदर्शित करने की अपनी शैली है। मणिपुरी संकीर्तन में पुंग का एक विशेष स्थान माना जाता है। पतले लंबे ढोलक के आकार का यह वाद्य यंत्र चैतन्य महाप्रभु का प्रतीक माना जाता है। बासु सिंह ने बताया कि हर युग में अवतार हुए हैं। वैष्णव संप्रदाय में चैतन्य महाप्रभु को कलियुग में भगवान का अवतार मानते हैं। पुंग चोलम नृत्य पर कलाकार आरके उपेंद्र सिंह को खूब तालियां मिली। अंतिम प्रस्तुति में मनमोहक परिधान के साथ अनीता देवी और बबीना देवी ने राधा और कृष्णा बन अत्यंत लालित्यपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। गायन पर एस नन्देश्वरी देवी तथा बांसुरी व पुंग पर उपेंद्र सिंह ने बखूबी संगत प्रदान की। प्रधानाचार्या मृणालिनी अनंत और मधु गोयल ने कलाकारों का स्वागत किया। कुशाग्र एवं वंश ने मंच संचालन किया। राहुल सागर, हर्ष, मृदुला, गरिमा आदि मौजूद रहे। स्पिक मैके के संयोजक राधा मोहन तिवारी ने सभी का आभार जताया।