चीनी मिल पर धरना देते रालोद कार्यकर्ता।
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पिछले साल के अतिरिक्त बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर रालोद नेताओं व कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल भैंसाना पर धरना दिया। रालोद नेताओं ने चीनी मिल के अधिकारियों से रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना लेने की मांग की। धरने पर बैठे किसानों ने जिलाधिकारी से बैंकों में किसानों के लिए अलग से काउंटर खोले जाने की भी मांग उठाई।
पिछले साल के अतिरिक्त बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर रालोद नेता व कार्यकर्ता बजाज चीनी मिल भैंसाना के मुख्य द्वार पर पहुंचे। अतिरिक्त बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर रालोद नेताओं व कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल गेट पर हंगामा व प्रदर्शन किया। सभी कार्यकर्ता व नेता धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर रालोद नेताओं ने बताया कि चीनी मिल भैंसाना ने अभी तक पिछले साल का केवल 28 फरवरी तक का भुगतान दिया है।
किसान रबी की बुआई के लिए बीज व खाद की खरीदारी के लिए परेशान है। रालोद नेताओं ने कहा कि चालू सत्र में भी चीनी मिल ने करीब 70 करोड़ रुपये के गन्ने की पेराई कर ली है। यह भी आरोप है कि चीनी मिल किसानों से रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना नहीं ले रहे हैं। किसानों के बीच पहुंचे जीएम केन कुलदीप राठी ने किसानों को बताया कि बैंकों की समस्या के कारण गन्ना मूल्य भुगतान में विलंब हुआ है। उन्होंने एक सप्ताह में पिछले साल का बकाया भुगतान दिलवाने का आश्वासन दिया।
रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें रिकवरी नहीं आ रही है। 15 दिन के बाद रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने में परिपक्वता आने के कारण रिकवरी बढ़ जाएगी। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि 15 दिन के बाद वे रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना ले सकेंगे। धरने के बीच पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी सुधीर तोमर ने चीनी मिल के अधिकारियों से वार्ता की। वार्ता करने के बाद उन्होंने धरना स्थल पर बैठे रालोद कार्यकर्ताओं को एक सप्ताह में अतिरिक्त बकाया गन्ना भुगतान दिलवाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने किसानों से खेतों में झूला हुआ रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना 24 घंटे में डालने की बात कही। इस मौके पर रालोद के जिलाध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, सेवानिवृत्त उपजिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत, सुरेन्द्र सहरावत, जौला के प्रधान हाजी जमशेद, प्रदीप कुमार, विक्रम राणा सहित कई दर्जन रालोद कार्यकर्ता व नेता मौजूद रहे।