बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने शुक्रवार को तीनों अधिवक्ताओं से सीट खाली करने के आदेश भी जारी किए
संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ। तहसील जानसठ बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की बैठक में अधिवक्ता योगेश कुमार गुर्जर, सुरेंद्र कुमार गुर्जर और नौशाद अहमद की आजीवन सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पारित हुआ। बार एसोसिएशन अध्यक्ष शशि सैनी ने शुक्रवार को तीनों अधिवक्ताओं से सीट खाली करने के आदेश भी जारी किए हैं।
अध्यक्ष शशि सैनी ने बताया कि स्थानीय बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक हुई थी। इसमें सर्वसम्मति से तीनों अधिवक्ताओं की स्थानीय बार एसोसिएशन से आजीवन सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। उन्होंने बताया कि तीनों को आवंटित सीट को शुक्रवार सुबह 10 बजे तक खाली करने के लिए कहा गया है। इसके लिए बार एसोसिएशन में तैनात कर्मचारी को उनकी सीट पर नोटिस चस्पा करने के निर्देश भी दिए हैं।
ये है यह मामला
जानसठ। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शशि सैनी को जुलाई में एक पत्र अधिवक्ता योगेश कुमार गुर्जर और सुरेंद्र गुर्जर की ओर से डाक के माध्यम से भेजा गया था। आरोप था कि इस पत्र में अध्यक्ष शशि सैनी के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया था। इसे लेकर अध्यक्ष शशि सैनी ने एसएसपी के आदेश पर थाना जानसठ में अधिवक्ता योगेश गुर्जर और सुरेंद्र गुर्जर सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद अध्यक्ष शशि सैनी और सचिव योगेश भेटवाल ने बार एसोसिएशन का जनरल हाऊस बुलाकर सर्वसम्मति से अधिवक्ता योगेश कुमार गुर्जर, सुरेंद्र कुमार गुर्जर व इनके साथी अधिवक्ता नौशाद अहमद की सदस्यता समाप्त कर उत्तर प्रदेश बार कौंसिल को लिखकर भेजा था। तभी से इनमें विवाद चला आ रहा है।
नियमों का उल्लंघन करने का आरोप
अधिवक्ता योगेश कुमार गुर्जर, सुरेंद्र कुमार गुर्जर व नौशाद अहमद ने पत्रकारों को बताया कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष शशि सैनी और सचिव योगेश भेटवाल ने गलत तरीके से उनको बार एसोसिएशन की सदस्यता से निष्कासित किया है। बाइलॉज के हिसाब से सदस्यता समाप्त करने से पूर्व जनरल हाउस बुलाकर और गुप्त मतदान कराकर दो तिहाई बहुमत मिलने पर उनको 14 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए था। अध्यक्ष और सचिव ने बाइलॉज के नियमों का उल्लंघन किया है।