मुजफ्फरनगर। शहर के लद्दावाला की शिव मंदिर गली की संपत्ति की जांच कराई जाएगी। पुलिस छानबीन में जुटी है। प्रशासन ने भी यहां रहे परिवारों से बैनामों की प्रति लेनी शुरू कर दी है। कुछ परिवारों ने बैनामे दिए हैं, जबकि कई परिवार तहसील से रिकॉर्ड निकलवा रहे हैं।
संभल प्रकरण के बाद लद्दावाला की गली में भी शिव मंदिर मिला था, जिसमें 1992 से अभी तक पूजा-अर्चना नहीं हो सकी थी। मामले ने सुर्खियां बटोरी तो पुलिस और प्रशासन ने भी जांच शुरू करा दी है। पुलिस गली में रह रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। नागरिक नदीम ने बताया कि प्रशासन ने गली में रहने वाले परिवारों से अपने आवासों के बैनामे भी मांग लिए हैं। कुछ परिवारों ने बैनामे दे दिए हैं।
- फैसले के लिए 27 दिसंबर को पंचायत
शहर के लद्दावाला के शिव मंदिर में शिव परिवार की मूर्तियों की स्थापना के लिए 27 दिसंबर को हिंदू संगठनों की पंचायत होगी। हवन कुंड और शिव परिवार की स्थापना में से एक विकल्प का चुनाव किया जाएगा। बघरा आश्रम के संचालक यशवीर महाराज ने बताया कि समाज के सामने दोनों विकल्प खुले रखे गए हैं। 27 दिसंबर को महामाया मंदिर में विभिन्न संगठन फैसला करेंगे। गौरतलब है कि पूजा अर्चना के दौरान गली में रह रहे मुस्लिम परिवारों ने हिंदू संगठनों का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा भी की थी।
- यह था मामला
शहर के लद्दावाला के शिव मंदिर में साल 1992 के बाद पूजा नहीं हुई। यहां रहने वाले हिंदू समुदाय के लोग अयोध्या मंदिर प्रकरण के बाद से मकान बेचकर पलायन कर गए थे। इसके बाद बघरा आश्रम के संचालक स्वामी यशवीर महाराज ने मंदिर को जागृत करने के लिए मंदिर में हवन करने की घोषणा की थी। सोमवार को हवन किया गया था।
राजकुमार शर्मा सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर।संवाद
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राजकुमार शर्मा सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर।संवाद