संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला अस्पताल में अब निजी एंबुलेंस नहीं खड़ी हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट एंबुलेंस के प्रवेश पर रोक लगी दी है। इसी के साथ अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सीएमएस ने निजी एंबुलेंस संचालकों को हिदायत देने के साथ-साथ अनधिकृत लोगों के संबंध में पुलिस चौकी पर पत्र दिया।
हाल ही में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने एक बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार और जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार को निर्देश दिए थे, कि अस्पताल में निजी एंबुलेंस और अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए। इसको लेकर स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने निजी एंबुलेंस संचालकों को हिदायत दी थी कि अस्पताल के अंदर और बाहर निजी एंबुलेंस नहीं खड़ी होंगी। इसके अलावा डॉ. राकेश कुमार ने कुछ अनधिकृत लोगों के नाम सहित पुलिस चौकी में लेटर भी दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोग अगर घूमते पाए जाते है, तो उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। सीएमएस डॉ. राकेश ने कहा कि निजी एंबुलेंस संचालकों को हिदायत दी गई है। सरकारी एंबुलेंस 108 व 102 का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
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जिला अस्पताल में तीन एंबुलेंस उपलब्ध
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में सरकारी 108 एंबुलेंस तीन उपलब्ध हैं। इनमें से एक रामपुर तिराहे के पास खड़ी रहती है और दो जिला चिकित्सालय में ही रहतीं हैं। जो अधिकांश रेफर केस के लिए इस्तेमाल होती है। इसके अलावा दो कूकड़ा और दो एंबुलेंस मखियाली में उपलब्ध होती है। जिला महिला चिकित्सालय में 102 वाली पांच एंबुलेंस तैयार रहतीं हैं, जो महिलाओं को डिलीवरी के लिए लाती है।
- सरकार की सेवा का लाभ लें : रंजन
108 एंबुलेंस के जिला कार्यक्रम प्रभारी राजेश रंजन का कहना है कि 108 व 102 एंबुलेंस लगातार अपनी सेवा देती है। 108 एंबुलेंस जनरल केस में काम आती है। जबकि 102 एंबुलेंस केवल महिलाओं की डिलीवरी के लिए होती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल और उसके आसपास घूमने वाले कुछ दलाल मरीजों और तीमारदारों को अपनी बातों में फंसाकर प्राइवेट एंबुलेंस की बात करा देते हैं। इनपर लगाम लगाना जरूरी है। आमजन को सरकार की योजनाओं का लाभ लेना चाहिए।
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भारी भरकम रुपये वसूलते हैं निजी एंबुलेंस संचालक
एआरटीओ प्रशासन अजय मिश्रा का कहना है कि जिले में 189 प्राइवेट एंबुलेंस का पंजीकरण है। ये एंबुलेंस जिला अस्पताल और उनके बाहर खड़ी रहतीं हैं। बता दें कि प्राइवेट एंबुलेंस वाले मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए भारी भरकम रुपये वसूलते हैं। मरीजों से छोटी एंबुलेंस 15 रुपये प्रति किमी और बड़ी एंबुलेंस 25 रुपये प्रति किमी के हिसाब से रुपये लेते हैं।