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बच्चों को पिलाया जा रहा था टंकी का गंदा पानी, केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल संस्पेंड

Thu, 14 Sep 2017 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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केंद्रीय विद्यालय मुजफ्फरनगर। - फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम के स्कूल में बच्चे की हत्या के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन ने भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है। शहर के केंद्रीय विद्यालय में बच्चों को गंदा पानी पिलाने की शिकायत पर आयुक्त ने प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है। आदेश की प्रति डीएम को भेजी गई है। यह शिकायत 12 दिन पहले एक बच्चे ने डीएम को व्हाट्सएप के जरिये भेजी थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्कूल पहुंचकर पूरे मामले की जांच की थी, जिसमें आरोप सत्य पाए गए थे।
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गुरुग्राम के रायन पब्लिक स्कूल में छात्र प्रद्युमन की हत्या का मामला देशभर में सुर्खियां बना हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय विद्यालय संगठन भी अपनी संस्थाओं को लेकर सक्रिय हो गया है। बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करने के मामले में शहर के सर्कुलर रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल जेएम सक्सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दिल्ली मुख्यालय पर आयुक्त संतोष कुमार मल्ल ने डीएम गौरीशंकर प्रियदर्शी की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की है।

आदेश की प्रति आगरा संभाग के डिप्टी कमिश्नर वाई अरुण कुमार और डीएम मुजफ्फरनगर को भी भेजी गई है। दरअसल, एक सितंबर को स्कूल के एक बच्चे ने डीएम को उनके व्हाट्सएप नंबर पर शिकायत भेजी थी कि केंद्रीय विद्यालय में बच्चों को गंदा पानी पिलाया जा रहा है। डीएम ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को मौके पर भेजा था। सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों पर मुहर लगाई। 
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पाया कि बच्चों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल रहा था। स्कूल प्रबंधन ने पूरी तरह आंख मूंद रखी थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच के दौरान छत पर जाकर देखा तो पानी की टंकी ढक्कन खुला मिला। ढक्कन पर कंटीले तार लगा रखे थे, जिनसे जर छूटकर पानी में मिल रहा था।

धूल और पेड़-पौधों के पत्ते उड़कर भी टंकी में गिर रहे थे। खास बात यह थी कि टंकी के पास बिजली का खुला तार भी मिला था, जिससे कभी भी पानी में करंट उतरने से बड़ा हादसा हो सकता था। सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर डीएम ने इसे बच्चों के जीवन से बड़ा खिलवाड़ माना। डीएम ने केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल को अपनी रिपोर्ट भेजी थी। संगठन की विजिलेंस विंग ने मामले की सुनवाई की। प्रिंसिपल का भी पक्ष सुना गया। आयुक्त ने मामले को गंभीर मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया।

बंदरों ने खोला था टंकी का ढक्कन: सक्सेना 
केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल जेएम सक्सेना का कहना है कि स्कूल में बंदर अक्सर टंकी का ढक्कन खोल देते थे। कई बार बंदर ढक्कन ले जा चुके हैं। बंदरों से बचाव के लिए ही टंकी के मुंह पर कंटीले तार लगवाए गए थे। शिकायत के बाद टंकी के पाने की भी लैब से जांच कराई गई, जिसमें पानी भी शुद्ध मिला। मैंने अपना पक्ष विद्यालय संगठन के समक्ष रखा है। इसके बावजूद निलंबन के आदेश मिले हैं। मुख्यालय का जो भी आदेश होगा, उस पर अमल किया जाएगा।  

सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर केंद्रीय विद्यालय को रिपोर्ट भेजी गई थी। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। टंकी का गंदा पानी पिलाकर बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा था। केंद्रीय विद्यालय संगठन को कार्रवाई के लिए लिखा गया था।  - जीसी प्रियदर्शी, डीएम एवं प्रशासक, केंद्रीय विद्यालय।  
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