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रामपुर में विद्युत लाइन बनी हादसों का सबब, 33 हजार वोल्ट की लाइन से खौफजदा ग्रामीण

Sun, 20 Jan 2019 11:48 PM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मार्ग से होकर गुजर रही एचटी विद्युत लाइन। - फोटो : अमर उजाला
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शहर से सटे रामपुर के घरों के सैकड़ों निवासी रोजाना मौत के साये में रहने को मजबूर हैं। 33 हजार वोल्ट की लाइन इन घरों की छतों को छूकर गुजर रही है। लोग छत पर जाने से घबराते हैं। दो लोग इसकी चपेट में आकर झुलस भी हो चुके हैं। बिजली लाइन हटवाने के लिए मोहल्लेवासी लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही।   
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रामपुर गांव नेशनल हाईवे -58 और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर वाया देवबंद फोरलाइन स्टेट हाईवे-59 को जोड़ने वाले बाईपास के दोनों ओर बसा है। बाईपास से दक्षिण की ओर की आबादी के ऊपर से 33 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन गुजर रही है। दो दर्जन से ज्यादा घर तथा एक स्कूल विद्युत लाइन के नीचे है। कुछ घरों की छत और लाइन की बीच मामूली दूरी होने के कारण हर समय खतरा बना रहता है। स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं भी निगाहें भी विद्युत लाइन की ओर लगी रहती है।

यहां के निवासी प्रवेश शर्मा बताते हैं कि करीब एक साल पहले शिव कुमार कश्यप विद्युत लाइन की चपेट में आ गया था। उनका एक हाथ कट गया। एक अन्य व्यक्ति भी करंट से झुलस चुका है। अर्जुन शर्मा का कहना है कि उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिए। दुर्घटनाओं का हवाला दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुखवीर प्रजापति, ब्रह्मचंद, डाक्टर सुंदर तथा इलमचंद के घर के ऊपर से भी यह लाइन गुजरती है। इनका कहना है कि लाइन बहुत नीची है। न तो इसे शिफ्ट किया जाता है और न ही ऊंचा। हर समय दुर्घटना का डर लगा रहता है। बच्चों को घर की छत पर जाने से रोकना पड़ता है।       
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चपेट में आ सकते हैं बाईपास पर जाने वाले वाहन      
रामपुर चौराहा बाईपास पर जाने वाले वाहन विद्युत लाइन की चपेट में आ सकते हैं। दरअसल सड़क के ऊपर लाइन की ऊंचाई कम है। गन्ने एवं भूसे आदि से लदे ट्रक लाइन से छू सकते हैं। चालक भी बहुत धीमी गति से बड़े वाहनों को यहां से ले जाते हैं।       

इन्होंने कहा...      
- बिजली के तार इतने नीचे हैं कि छत पर कपड़े सुखाते हुए भी डर लगता है। जरा सा हाथ ऊपर हुआ तो तुरंत करंट की चपेट में आ सकते हैं - रघुवीरी।       
  
- दो लोग करंट की चपेट में आकर झुलस चुके हैं। डर की वजह से बच्चों को छत पर नहीं भेजते। तार बहुत नीचे हैं, कभी भी हादसा हो सकता है - कमलेश शर्मा।       

कई बार प्रशासनिक और विद्युत निगम के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन किसी ने आकर सुध नहीं ली। विद्युत लाइन हटवाने को लगातार प्रयास कर रहे हैं - अर्जुन शर्मा।       
 
- बिजली लाइन कई घरों के लिए खतरा बनी हुई है। सभी मिलकर इसे हटवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही - शिशो देवी।       

लाइन शिफ्टिंग में आती हैं कई अड़चनें       
मुजफ्फरनगर। किसी भी विद्युत लाइन को शिफ्ट करने में अनेक अड़चनें आती हैं। विद्युत विभाग के  नगरीय अधिशासी अभियंता एके आत्रेय का कहना है कि ज्यादातर मामले में विद्युत लाइन पुरानी होती हैं। लोग उनके नीचे निर्माण कर लेते हैं। लाइन शिफ्ट कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया है। प्रस्ताव तैयार होता है। शिफ्टिंग पर आने वाला खर्च संबंधित व्यक्तियों को देना पड़ता है।

साथ ही यह भी देखा जाता है कि लाइन दूसरी जगह ले जाने के लिए जगह उपलब्ध है या नहीं। कई बार उपभोक्ता लाइन शिफ्ट कराने को स्टीमेंट बनवाते है, लेकिन स्टीमेट काफी अधिक होने के कारण आगे की कोई कार्रवाई नहीं कराते। रामपुर में 33 हजार की विद्युत लाइन है। इसके लिए स्टीमेट जमा कराने के साथ प्रशासनिक अनुमति की भी आवश्यकता होती है। वह इस मामले को दिखवाएंगे।       

बाहरी कॉलोनियों में रहती है समस्या       
मुजफ्फरनगर। शहर से बाहर की ओर धड़ाधड़ कॉलोनियां काटी जा रही हैं। विद्युत लाइनों के नीचे भी प्लाट काट दिए जाते हैं। लोग सस्ते के चक्कर में प्लाट खरीद लेते हैं और फिर लाइन शिफ्ट कराने के प्रयास में लग जाते हैं। शेरपुर, मिमलाना रोड, सुभाषनगर, नसीरपुर रोड, आदर्श कॉलोनी, बचन सिंह कॉलोनी, सरवट की नई मदीना कालोनी, एकता विहार आदि शहर से बाहर की कॉलोनियां हैं। इनमें से अधिकांश से बिजली लाइन शिफ्ट कराने के लिए प्रार्थना पत्र विभाग को आते हैं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाइनें हटाई भी जाती हैं।       
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