पोल्ट्री फॉर्म कारोबारी को बंधक बनाकर लूटपाट
मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के सिलाजुड्डी में शुक्रवार देर रात चार लुटेरों ने पोल्ट्री फॉर्म जा रहे शांतिनगर निवासी कारोबारी को बूरा फैक्टरी के पास स्थित खंडहर में बंधक बनाकर उससे नकदी और मोबाइल लूट लिया। युवक की तलाश करने निकले उसके साझीदार से भी लुटेरों ने लूटपाट का प्रयास किया, लेकिन वह किसी तरह भाग निकला। उसने डायल-112 पीआरवी को सूचना दी। पुलिसकर्मियों के पीछा करने पर लुटेरे खेतों में घुसकर फरार हो गए।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के साउथ भोपा रोड निवासी अंशुल गर्ग और शांतिनगर निवासी सुनील अरोरा का गांव सिलाजुड्डी में साझेदारी में पोल्ट्री फॉर्म है। शुक्रवार देर रात 11.30 बजे सुनील अरोरा घर से बाइक पर पोल्ट्री फॉर्म जाने के लिए निकला, लेकिन देर रात तक भी फॉर्म पर नहीं पहुंचा। पोल्ट्री फॉर्म पर मौजूद अंशुल गर्ग ने सुनील अरोरा के घर फोन किया तो परिजनों ने उसके 11.30 बजे ही चले जाने की बात कही। इस पर अंशुल पोल्ट्री फॉर्म से बाइक लेकर सुनील अरोरा की तलाश में निकल गया। अंशुल का कहना है कि जब वह सिलाजुड्डी के बाहर स्थित बंद पड़ी बूरा फैक्टरी के पास पहुंचा, वहां से निकलकर आए चार बदमाशों ने उसे रोकने का प्रयास किया। बदमाश देख अंशुल ने वहां से भागने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने उस पर बंदूक से वार किया, जिससे अंशुल का मोबाइल वहीं गिर गया। किसी तरह वहां से भागकर अंशुल ने कुछ दूरी पर मौजूद डायल-112 पीआरवी को घटना की सूचना दी तो पुलिसकर्मी मौके पर जा पहुंचे। पुलिस को देख लुटेरे खेतों में घुसकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों व अंशुल ने सुनील अरोरा की तलाश की तो वह पास के एक खंडहर में बंधक पड़ा मिला, जिसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। पुलिसकर्मियों ने सुनील अरोरा को बंधनमुक्त कराया, जिसके बाद दोनों पीड़ित रात में ही थाने पहुंचे और घटना की जानकारी दी। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने लूटपाट के बावजूद अंशुल से महज मोबाइल चोरी की तहरीर लेकर वारदात को रफा-दफा कर दिया, जबकि सुनील अरोरा से मोबाइल, 350 रुपये के साथ ही उसके बाइक से पेट्रोल व बैटरी भी लूट ली।
वारदात के समय से भी अनभिज्ञ पुलिस
इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी का कहना है कि घटना दो दिन पुरानी है। कुछ लोग एक व्यक्ति की बाइक से पेट्रोल व बैटरी निकाल ले गए थे। बैटरी वहीं पर मिल गई है। संभवत: नशे में घटना की गई। घटना की कोई तहरीर नहीं आई, जिसके चलते मामला दर्ज नहीं किया गया।