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Muzaffarnagar: बेटी के पिता को मुखाग्नि देते ही जल गई पुरानी परंपरा, नम आंखों से देखता रहा पूरा गांव

Wed, 03 Jun 2026 01:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर के बहादुरपुर गांव में बेटे के न होने पर एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर समाज के लिए नई मिसाल पेश की। अंतिम संस्कार के दौरान गांव का माहौल भावुक हो गया।
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बहादुरपुर खेडी वीरान में पिता की चिता को मुखाग्नि देती मनु : स्रोत ग्रामीण
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर जिले के बहादुरपुर खेड़ी वीरान गांव में एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर समाज के सामने नई मिसाल पेश की। वर्षों से चली आ रही उस परंपरा के बीच, जिसमें अंतिम संस्कार का दायित्व प्रायः बेटों या परिवार के पुरुषों को सौंपा जाता रहा है, एक बेटी ने आगे बढ़कर अपने पिता को अंतिम विदाई दी। इस भावुक क्षण का साक्षी बना पूरा गांव नम आंखों से उसे देखता रहा।
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बेटे के निधन के बाद परिवार पर टूटा था दुखों का पहाड़
गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक हरेंद्र सिंह का निधन हो गया। परिवार में उनकी पत्नी और तीन विवाहित बेटियां हैं। परिवार का इकलौता बेटा रजत उर्फ बिट्टू करीब आठ माह पहले एक हादसे में अपनी जान गंवा चुका था। ऐसे में पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर स्वाभाविक रूप से चर्चा शुरू हुई कि मुखाग्नि कौन देगा।
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मंझली बेटी ने लिया साहसिक फैसला
पिता के निधन की सूचना मिलने पर मंझली बेटी मनु अपने ससुराल से गांव पहुंची। अंतिम यात्रा के दौरान उसने स्वयं अपने पिता को मुखाग्नि देने का निर्णय लिया। गांव और परिवार के लोगों ने उसके इस निर्णय का सम्मान किया और उसे पूरा समर्थन दिया।

नम आंखों से देखता रहा पूरा गांव
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। श्मशान घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। पिता को अंतिम विदाई देते समय बेटी मनु ने पूरे साहस और भावनात्मक दृढ़ता का परिचय दिया। उसके इस कदम ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।

समाज को दिया एक सकारात्मक संदेश
बेटी द्वारा पिता को मुखाग्नि देने की घटना को गांव में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बेटियां किसी भी जिम्मेदारी को निभाने में बेटों से कम नहीं हैं। मनु के इस निर्णय ने सामाजिक सोच में बदलाव का संदेश भी दिया है। पिता को अंतिम विदाई देने के बाद मनु की आंखों में आंसू थे, लेकिन उसके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
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