बहादुरपुर खेडी वीरान में पिता की चिता को मुखाग्नि देती मनु : स्रोत ग्रामीण
मुजफ्फरनगर जिले के बहादुरपुर खेड़ी वीरान गांव में एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर समाज के सामने नई मिसाल पेश की। वर्षों से चली आ रही उस परंपरा के बीच, जिसमें अंतिम संस्कार का दायित्व प्रायः बेटों या परिवार के पुरुषों को सौंपा जाता रहा है, एक बेटी ने आगे बढ़कर अपने पिता को अंतिम विदाई दी। इस भावुक क्षण का साक्षी बना पूरा गांव नम आंखों से उसे देखता रहा।
बेटे के निधन के बाद परिवार पर टूटा था दुखों का पहाड़
गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक हरेंद्र सिंह का निधन हो गया। परिवार में उनकी पत्नी और तीन विवाहित बेटियां हैं। परिवार का इकलौता बेटा रजत उर्फ बिट्टू करीब आठ माह पहले एक हादसे में अपनी जान गंवा चुका था। ऐसे में पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर स्वाभाविक रूप से चर्चा शुरू हुई कि मुखाग्नि कौन देगा।