हत्याकांड में सीए की भूमिका की जांच कर रही पुलिस
मुजफ्फरनगर। अधिवक्ता समीर सैफी की हत्या के मामले में सोमवार को भी पुलिस शक के दायरे में आए सीए की भूमिका की जांच में जुटी रही। उधर, अधिवक्ता के परिजनों को सांत्वना देने के लिए परिचितों की आवाजाही रही।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लद्दावाला निवासी अधिवक्ता समीर सैफी 15 अक्तूबर को संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। पुलिस ने शनिवार को गढ़ी गोरवान निवासी सिंगोल, सोनू व शालू को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने पूछताछ में अधिवक्ता की हत्या कर शव को सीकरी के जंगल में गाड़ने की बात कही थी। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया था। रविवार को पुलिस ने चारों हत्यारोपियों को जेल भेज दिया था। इस मामले में सोमवार को पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने के लिए अधिवक्ता के घर परिचितों का तांता लगा रहा। उधर, पुलिस हत्याकांड में शक के दायरे में आए एक सीए की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद मिले आरोपी
मुजफ्फरनगर। अधिवक्ता समीर सैफी की हत्या से पूर्व उन्हें घर से बुलाकर ले गए थे। सूत्रों के अनुसार अधिवक्ता को घर से बुलाने के लिए शालू को भेजा गया था, जिसने उन्हें इशारे से घर के बाहर बुलाया। इसके बाद आरोपी अधिवक्ता को लेकर राज मार्केट के अंदर से होकर निकले। अधिवक्ता के साथ निकलते हत्यारोपी राज मार्केट में लगे एक कैमरे में भी कैद हैं, जिसके बाद उन्हें कार में बैठाकर ले जाने के बाद रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने उक्त सीसीटीवी फुटेज को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि अधिवक्ता की हत्या के मामले में सीए की भूमिका की जांच की जा रही है। हत्यारों के खिलाफ एक पखवाड़े के भीतर चार्जशीट भेजने और उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे, जिसके लिए थाना पुलिस को भी निर्देशित कर दिया गया है।