- दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हादसे में छह युवकों की मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हादसे में छह युवकों की मौत के बाद पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है। दो टीम गठित की गई है, लेकिन अभी तक चालक नहीं मिल सका है। उधर, यातायात पुलिस ने हाईवे पर संकेतक बनाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों से बात की है।
हादसे की वजह बने ट्रक के चालक की तलाश में अधिकारियों ने पुलिस की दो टीम लगाई है। तीन दिन में दोनों टीम अभी तक केवल नंबर के आधार पर ट्रक मालिक का ही पता लगा पाई है और उससे बातचीत भी की। इसके बाद भी पुलिस टीम चालक के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटा पाई है। पुलिस ने हादसे के दौरान पास से गुजरने वाली एक बस की भी तलाश शुरू की है। सूत्र बताते हैं कि जिस समय ट्रक चालक अचानक ब्रेक लगाए थे तब ट्रक के पास से एक बस भी हरिद्वार की तरफ जाने के लिए गुजर रही थी। यही वह क्षण था जब यह हादसा हुआ। पुलिस को यह बस सीसीटीवी में दिखाई दी है। इस बस का चालक अपनी बस को लेकर चला गया था। पुलिस ने इस बस की भी तलाश शुरू की है।
चालक के शार्ट कट लेने के प्रयास में हुआ हादसा
दिल्ली देहरादून हाईवे स्थित रामपुर तिराहे पर हुआ हादसा यातायात के नियमों का उल्लंघन कर चालक के शार्ट कट लेने के प्रयास का परिणाम है। कट से मोड़ने के लिए तेज दौड़ रहे ट्रक के अचानक ब्रेक लगा दिए गए, जिससे कार सवार छह युवकों की जान चली गई थी।
मृतकों के परिजनों का भी यही कहना था कि यदि ट्रक चालक कट से मुड़ने के लिए रुकने से पहले पीछे चलने वाले वाहनों को देखता तो शायद यह हादसा न होता, लेकिन चालक ने सहारनपुर मार्ग पर जाने के लिए अचानक ब्रेक लगाकर कट से ट्रक को मोड़ना चाहा, जबकि इस कट से मात्र तीन सौ मीटर की दूरी पर भी एक कट झंडा तिराहा सहारनपुर मार्ग पर जाने के लिए है। आमतौर पर चालक इसी कट का प्रयोग करते हैं, लेकिन ट्रक चालक ने लापरवाही की और छह युवकों दिल्ली निवासी युवक कुणाल, शिवम उर्फ शुभम, अमन, धीरज, विशाल व मेरठ निवासी पारस शर्मा की जान चली गई।
शहर में लाखों खर्च, हाईवे को सूना छोड़ा
यातायात पुलिस ने शहर में जाम न लगे और हादसा न हो इसके लिए शहर में डिवाइडर लगवाए और कुछ डिवाइडरों पर रिफ्लेक्टर भी लगवाए। जिसमें लाखों रुपया खर्च हुआ, लेकिन हाईवे को सूना छोड़ दिया गया। वहां कट के पास कोई संकेतक नहीं लगाए गए। जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
- कोट
हाईवे पर हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए एनएचएआई अधिकारियों से वार्ता की है, ताकी हाईवे पर संकेतक आदि की सुरक्षा व्यवस्था बनाई जा सके - कुलदीप सिंह, एसपी यातायात