खतौली। सठेड़ी गंगनहर से रेत निकालने गए किसानों ने सपा नेताओं की अवैध वसूली का विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें पांच किसान घायल हो गए। किसानों पर लाठीचार्ज की घटना को लेकर भाकियू कार्यकर्ता भड़क उठे। आक्रोशित किसानों ने हंगामा कर दिया और पुलिस से नोकझोंक की। हंगामा बढ़ते देख सपा नेता वहां से भाग निकले। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने सिंचाई विभाग के एसडीओ का घेराव कर सपा नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
थाना रतनपुरी क्षेत्र के गांव सठेड़ी, कैलाशनगर, रतनपुरी आदि गांवों के किसान भैंसा-बुग्गी लेकर रविवार सुबह मकानों के निर्माण और मरम्मत के लिए गंगनहर से रेत निकालने गए थे। आरोप है कि वहां पर सिंचाई विभाग की ओर से रेत खनन का ठेका बताकर सपा के तीन नेता किसानों की पर्ची काटकर अवैध वसूली करने लगे, जिसका किसानों ने विरोध किया।
किसानों का आरोप था कि सपा नेताओं ने ही सूचना देकर पुलिस को बुलवाया। हंगामा होते देख पुलिस ने किसानों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं, जिससे किसानों में भगदड़ मच गई। लाठीचार्ज में गांव कैलाशनहर निवासी किसान मोनू, राजकुमार, योगेश गांव रतनपुरी निवासी अनिल और सोहनवीर घायल हो गए।
लाठीचार्ज की खबर लगने पर भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के एसडीओ एके वालिया और जेई नीरज पांडेय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसी को ठेका नहीं छोड़े जाने की जानकारी दी। भाकियू कार्यकर्ता एसडीओ का घेराव कर सपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर धरना देकर बैठ गए।
एसडीओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और पुलिस ने खेद प्रकट किया, तब कहीं जाकर कार्यकर्ता शांत हुए। हंगामा करने वालों में कपिल सोम, परवेंद्र ढाका, बिल्लू, संदीप, धीरज, ईश्वर, राजपाल, राजकुमार, सतेंद्र चौहान, पंकज मोघा आदि शामिल रहे।