खतौली। जैन मंदिरों में दान तीर्थ पर्व अक्षय तृतीया धर्म आराधना के साथ मनाया गया। विशेष पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक विधान मंत्रों के जाप किया गया। संत सेवा और भक्ति करने का संकल्प लिया।
रजनी जैन प्रवक्ता ने बताया कि वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाता है। जैन धर्म के अनुसार, भरत क्षेत्र में इसी दिन से आहार दान की परंपरा शुरू हुई। राजा श्रेयांश ने भगवान आदिनाथ को आहार दान देकर अक्षय पुण्य प्राप्त किया था। यह दिन बहुत ही शुभ होता है। कार्यक्रम में अशोक शास्त्री, डॉ ज्योति, मोनिका, अंजू, डॉ आशा, सुनीता, मेघा, रीमा, रिया, शिल्पी, रितु, सर्वेश, दीपाली, छवि, सुषमा, अरुण आदि शामिल रहे।