- दुकानदार किराया, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स देते है फिर भी सुविधा नहीं
- मार्केट में कई जगह गड्ढे, शौचालय में लगा ताला, वर्षों से पुताई नहीं हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिला परिषद मार्केट में लगभग 200 दुकानें है। ये सभी जिला पंचायत को किराया, वाटर टैक्स, हाउस टैक्स आदि देते हैं। मार्केट में इस समय एक भी मूलभूत सुविधा नहीं है। शौचालय का हर समय ताला लगा रहता है। मार्केट की नालियों के चेनर टूटे हैं, सड़क में गड्ढे हैं। एक साल से यहां न पुताई हुई है और न रंगाई। बिजली के तार फैले होने से यहां कभी भी हादसा हो सकता है।
जिला परिषद मार्केट के दवा व्यापारी शक्ति कुमार का कहना है कि हमारे बाजार में दूर-दूर से ग्राहक आते हैं। मार्केट में न तो शीतल जल की व्यवस्था है और न ही शौचालय आदि की। आम आदमी को यहां परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दवा व्यापारी योगेश मदान का कहना है कि यहां नाली पर लगे चेनर टूट गए हैं। वाहनों के निकलने में परेशानी होती है। कई बार जिला पंचायत में लिखित में दे चुके हैं। सुनवाई नहीं हो रही है।
दवा व्यापारी अमित गर्ग का कहना है कि मार्केट की समस्याओं को लेकर हम लोग जिला पंचायत अध्यक्ष से कई बार मिल चुके हैं। दुकानों की दीवार से पपड़ी टूटकर गिर रही है। पुताई तक नहीं कराई जाती है। बरसात के पानी के पाइप टूट चुके हैं।
दवा व्यापारी मनोज कुमार का कहना है कि जब किराये के साथ हाउस और वाटर टैक्स तक की वसूली हो रही है तो यहां व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत की है। एक सफाई कर्मचारी मार्केट में था वह भी हटा लिया है।
मार्केट के कुछ लोग समस्याओं को लेकर उनसे मिले हैं। समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। समस्याओं का जल्द ही निराकरण हो जाएगा। - निर्वालडॉ वीरपाल निर्वाल, जिला पंचायत अध्यक्ष