राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम द्वारा फुगाना थाना क्षेत्र के जोगियाखेड़ा गांव से पकड़ा इस्लाम कासमी कुछ दिनों से गांवों में सर्फ साबुन बेचता था। उसके संबंध पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से पाए गए। उसके खिलाफ मेरठ के खरखौदा थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। अब उसके संपर्क में रहने वालों की जांच शुरू की हैं।
जोगियाखेड़ा गांव निवासी हाजी अख्तर के बेटे इस्लाम कासमी को दो दिन पहले एनआईए की टीम पकड़कर अपने साथ ले गई थे। माना जा रहा था कि इस्लाम कासमी का संबंध पीएफआई से था लेकिन परिजनों ने इस बारे में जानकारी होने से इंकार किया था। परिजनों का कहना था कि वह तो गांव के बाहर मदरसे में पढ़ाता है। परिवार मजदूरी कर गुजारा कर रहा है। इस्लाम के पकड़े जाने के बाद से क्षेत्र के लोग भी उसकी भूमिका संदिग्ध मान रहे थे। लेकिन सभी ने चुप्पी साधी थी।
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हालांकि परिजनों ने इस्लाम के मदरसे में पढ़ाने की बात कही है लेकिन यह बात भी सामने आ रही है कि वह वर्तमान में बाहर रह कर सर्फ साबुन बेचता था। उसके संबंध पीएफआई से थे। सूत्रों के अनुसार, इसके साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं।
एनआईए ने उसके अलावा तीन अन्य पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार किया हैं। एटीएस और एनआईए की टीम ने इनके खिलाफ मेरठ के खरखौदा थाने में गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया हैं।
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