जानसठ। कोरोना काल में हर परिवार का शख्स डरा और सहमा हुआ है। जिस तरह कोरोना काल में मरने वालों का ग्राफ बढ़ रहा है, उससे भयभीत होना भी वाजिब है। मोबाइल फोन की घंटी बजते ही परिवार के लोग डर जाते हैं। आशंकित हो उठते हैं कि कहीं किसी रिश्तेदार या परिचित के यहां अनहोनी तो नहीं हो गई।
देशभर में फैली कोरोना बीमारी लोगों की जिंदगियां लील रही है। अन्य जनपदों में रहने वाले रिश्तेदारों और परिचितों के यहां से मोबाइल फोन पर अशुभ समाचार ही सुनने को मिल रहे हैं। कोई रिश्तेदार या परिचित दुनिया छोड़ गया, तो कोई रिश्तेदार बीमारी से पीड़ित अंतिम सांस ले रहा है। इतना ही नहीं अधिकतर लोग बुखार से भी पीड़ित चल रहे हैं। पहले तो लोग खबर सुनते ही रिश्तेदार का हालचाल पूछने के लिए दौड़ पड़ते थे, लेकिन इस कोरोना महामारी ने लोगों के घर में रहने को मजबूर कर दिया है।
कस्बा निवासी राजेंद्र, दीपक, सतीश, महेश, राकेश का कहना है कि रिश्तेदार और परिचित का फोन आते ही एकदम पहले मोबाइल रिसीव करने से डर लगता है। आशंका यही रहती है कोरोना बीमारी फैल रही है, कहीं अनहोनी की खबर देने के लिए फोन तो नहीं किया गया। फोन रिसीव करने से भी डर लगता है।