राष्ट्रीय श्रमिक संगठन के आह्वान पर रोड सेफ्टी बिल 2016 और श्रम कानूनों में होने वाले फेर बदल के विरोध में रोडवेज का चक्का जाम रहा। शुक्रवार सुबह पर्याप्त बसें नहीं मिलने से यात्री हलकान रहे। पूर्व घोषणा के तहत यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन ने बृहस्पतिवार रात्रि 12 बजे से ही चक्का जाम कर दिया था।
सुबह कर्मचारियों ने डिपो पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजकुमार तोमर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने यदि रोड सेफ्टी बिल में संशोधन नहीं किया तो राष्ट्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर जो निर्णय लिया जाएगा उसका परिवहन कर्मचारी पालन करेंगे। मौके पर वीरेंद्र कुमार, राहुल गुप्ता, ब्रजलाल शर्मा, चरण सिंह, रामफल, रुपचंद, विनोद शर्मा, इश्तयाक अली, रणवीर सिंह, त्रिभुजन, हरेंद्र सिंह, तैय्यब चौधरी, याकूब अली, सतीश, श्रवण, दीपक, शमीम, शिवेंद्र, बिजेंद्र आदि शामिल रहे।
उधर, रोडवेज का चक्का जाम होने से डिपो पर पर्याप्त बसों का संचालन नहीं होने से यात्री परेशान रहे। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि जो बसें गत दिवस से मार्ग पर थी, उनका संचालन होता रहा। करीब 80 बसें सुबह प्रभावित रही। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए कर्मचारी एक घंटे पहले ही हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर लौट आए थे। दोपहर बाद सभी मार्गों पर बस का संचालन प्रतिदिन की भांति सुुचारु करा दिया गया।
सात को लखनऊ में प्रदर्शन
रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न 12 सूत्रीय मांगों को लेकर रोडवेज कर्मी सात सितंबर को लखनऊ में प्रदर्शन करेंगे। उप्र रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय मंत्री अनुज त्यागी ने बताया कि सात सितंबर को प्रदेश भर के कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में लखनऊ जाकर एमडी कार्यालय पर विशाल धरना, प्रदर्शन करेंगे। जिस कारण उस दिन भी रोडवेज बसों का संचालन काफी हद तक प्रभावित रहेगा।