एनएचएआई ने ध्वस्त किए कई मकान, दुकान, नाले का निर्माण शुरू
वकील और दस्तावेज लेखकों को चेंबर बनाने को नहीं मिली जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ/ मुजफ्फरनगर। पानीपत-खटीमा मार्ग हाइवे के मीरापुर और जानसठ क्षेत्र में चले रहे निर्माण कार्य में तेजी आई है। जानसठ में नाला खोदाई का कार्य शुरु हो गया है। लाल निशान लगाकर दुकान, अधिवक्ताओं के चेंबर, दस्तावेज लेखकों के चेंबर भी एनएचआई ने हटवाए है। मगर, प्रशासन ने हटवाए चेंबरों के स्थान के लिए अभी कोई जगह नहीं दिलवाई है।
पानीपत-खटीमा हाईवे निर्माण के लिए जानसठ कस्बे के अंदर एनएचएआई की ओर से मकान, दुकान, होटल के अलावा तहसील के सामने अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के चेंबर तोड़ दिए गए है। इसके बाद सड़क के दोनों ओर नाले का निर्माण कराया जा रहा है। जिन अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के चेंबर तोड़ दिए गए थे, अभी तक प्रशासन की ओर से उनको चेंबर बनाने के लिए कोई जगह उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसको लेकर अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों में प्रशासन के प्रति रोष है।
अधिवक्ता जावेद हुमायुं का कहना है कि वे वर्ष 1978 से कचहरी में प्रैक्टिस करते चले आ रहे हैं। हाईवे निर्माण की वजह से उनके चेंबर तुड़वा दिए गए है। जिन अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के चेंबर तुड़वा दिए गए हैं, उनके लिए पहले जगह उपलब्ध करानी चाहिए थी। चेंबर टूटने की वजह से तहसील कार्य संबंधित काम करने में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
अधिवक्ता अजादार हुसैन जैदी का कहना है कि हाईवे निर्माण से पूर्व अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों को चेंबर बनाने के लिए प्रशासन को जगह उपलब्ध करा देनी चाहिए थी। जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक खुले में काम करने को मजबूर हो रहे हैं।
हाईवे निर्माण के एनएचएआई के अधिकारियों ने अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखक के चेंबर तोड़ने के लिए निशानदेही की थी। निशानदेही होने पर अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक ने अपने चेंबर खुद ही तोड़ने शुरू कर दिए थे। अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों को चेंबर बनाने के लिए अभी जगह उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी से बातचीत की जाएगी। - अभिषेक कुमार, एसडीएम