पुरकाजी। क्षेत्र के गांव फलौदा के जंगल में दो तेंदुओं के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं।
शनिवार सवेरे गांव फलौदा के कुछ ग्रामीण पुराने हाईवे पर अपने खेतों पर गए। जहां पर खेतों में ग्रामीणों को दो तेंदुओं के पंजों के निशान दिखाई दिए। पंजों के निशान जंगल सहित पुराने हाईवे पर सड़क के किनारे दोनों तरफ गांव की सीमा तक दिखाई दिए। जिसकी जानकारी मिलने पर दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पंजों के निशानों को देखा। जहां पर ग्रामीणों को दो अलग-अलग तरफ के पंजों के निशान दिखाई दिए। ग्रामीणों के अनुसार जंगल में एक बड़ा और एक छोटा तेंदुआ है। चार दिन पूर्व भी खेत पर काम कर रहे किसान सन्नी प्रजापति को तेंदुआ दिखाई दिया था। जिसकी जानकारी मिलने पर वन विभाग के लोग मौके पर पहुंचे थे। मगर उन्होंने पंजों के निशान देखकर किसी अन्य जानवर के पंजों के निशान होना बताया था ।
उधर जंगल में तेंदुआ होने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं। वन दरोगा देवेंद्र कुमार का कहना है कि जंगल में मिले पंजों के निशान तेंदुए के नहीं हैं। यह निशान कुत्तों के पंजों के हैं।