विवादों की दहलीज पर देशभर में अपने लिए जद्दोजहद करने वाली फिल्म पद्मावत मुजफ्फरनगर में कड़ी सुरक्षा के बीच चलाई गई। हालांकि पहले शो में सिनेमाघर के स्टाफ और खास लोगों को शामिल किया गया। संजय लीला भंसाली ने राजपूत शौर्य और खिलजी की क्रूरता, रानी पद्मावती के त्याग में जो जान फूंकी है, वह कल्पना से परे है।
फिल्म के डॉयलोगों से लेकर ड्रेस के रंग-रूप का दिलकश नजारा पेश किया है। जिले में पहले शो को लेकर लोगों में दिलचस्पी विरोध से अलग है। अधिकांश सिनेमाघरों में 10 प्रतिशत टिकट बुक किए जा चुके हैं।
विरोध की खाई से निकलकर फिल्म पद्मावत बृहस्पतिवार को रिलीज होनी है। रिलीज से एक दिन पहले (बुधवार) को ही मुजफ्फरनगर में फिल्म पद्मावत का पहला शो चलाया गया। रुड़की रोड स्थित चंद्रा सिनेमा में शाम करीब छह बजे पुलिस फोर्स की मौजूदगी में पहला शो चालू किया गया।
पहले शो में सिनेमाघर का स्टाफ और कुछ अन्य व्यक्ति मौजूद रहे। फिल्म में संजय लीला भंसाली ने कहानी भले ही दो मजहबों के ताने-बाने को लेकर बुनी हो, लेकिन किरदारों में कलाकारों ने जान फूंकी है। राजपूतों के शौर्य, पद्मावती की खूबसूरती और अलाऊद्दीन खिलजी की कहानी को पर्दे पर बखूबी उकेरा है।
डॉयलाग और साज-सज्जा प्रभावित करने वाले हैं। फिल्म शुरुआत में झटके जरूर खाती है, लेकिन मध्यक्रम में पहुंचते ही उछाल लेती है। अलाऊद्दीन खिलजी (रणवीर सिंह) को कोई राजा दुश्मन नहीं बनाना चाहता है, मगर चित्तौड़गढ़ के राजा महारावल रतन सिंह (शाहिद कपूर) अकेले जंग का एलान करता है। यहीं से कहानी आकर्षक मोड़ पर आती है। खिलजी जंग न करने के बजाय चित्तौडगढ़ में दोस्ताना संदेश भेजता है।
यहां पर राजा महारावल उसके आगे दो शर्त रखते हैं, पहली शाही फौज दिल्ली रवाना हो तथा दूसरी सुल्तान खिलजी अकेले आकर मिले। फिल्म में खिलजी शतरंज के खेल में ही जंग की रूपरेखा बता देता है, तब रानी पद्मावती राजा रतन सिंह (शाहिद कपूर) से साफ कहती हैं कि ...जब गर्दन पर तलवार रखी थी तो काट देते, इतिहास के पन्ने पलट देते, तभी राजा रावल के डायलाग फिल्म में जान डाल देते हैं...चिंता को तलवार पर रखे वह राजपूत, आग पर चले और मूंछों को ताव दे वह राजपूत।
दुश्मन से लड़ते समय गर्दन कटा दे और धड़ लड़ता रहे वह राजपूत। कुल मिलाकर दर्शकों को पर्दे तक खींच लाने में भंसाली सफल साबित होंगे। हालांकि शहरभर के सिनेमाघरों पर प्रशासन ने पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। चंद्रा सिनेमा के मैनेजर आसिफ ने बताया कि पहले शो के लिए उनके पास 371 सीट हैं, जिनमें 41 टिकट बुक हो चुके हैं। फिल्म देखने लायक है, जिसमें कोई विरोध करने जैसा कुछ नजर नहीं आता है।