स्कूल संचालकों ने आंदोलन वापस लिया, वाहनों की व्यवस्था अभिभावक करेंगे
मुजफ्फरनगर। जिले में स्कूल संचालकों की हड़ताल की घोषणा का मिला-जुला असर रहा। शहर के स्कूल तो खुले, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल प्रभावित हुए। सुप्रीम कोर्ट के एनसीआर में जारी आदेश को देखते हुए समस्या से निपटने को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने स्कूल संचालकों, प्रशासनिक एवं परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक ली। यह तय किया गया कि वाहन की जिम्मेदारी से स्कूल संचालक मुक्त रहेंगे। अभिभावक वाहन की व्यवस्था स्वयं करेंगे। स्कूल संचालक और ट्रांसपोर्टर अभिभावकों को डर दिखाकर फीस नहीं बढ़ाएंगे। अधिकारी व्यवस्था को बनाने में सहयोग करेंगे।
बुधवार को केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने स्कूल संचालकों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर बैठक ली। केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि व्यवस्था लागू किए जाने का मतलब यह नहीं है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाई जाए। वाहनों का संचालन बंद होने से अभिभावकों के सामने बड़ा संकट है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों से कहा कि उन्हें अपनी कार्य प्रणाली भी सुधारनी होगी। डीएम सेल्वा कुमारी जे, एडीएम प्रशासन अमित सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार से कहा कि वह मामले की गंभीरता को समझें। डीआईओएस गजेंद्र कुमार और बीएसए योगेश शर्मा से कहा कि वह ऐसा कोई कार्य न करे जिससे माहौल खराब हो। उन्होंने स्कूल संचालकों की समस्याओं को भी सुना और कहा कि स्कूल संचालकों का भी ये दायित्व है कि वे अपने यहां से संचालित होने वाले वाहनों में ज्यादा से ज्यादा नियमों का पालन करने का प्रयास करें। बैठक में तय किया गया कि जनपद में स्कूल वाहनों का संचालन पूर्ववर्ती व्यवस्था के अनुसार होता रहेगा। स्कूल संचालक और ट्रांसपोर्टर फीस नहीं बढ़ाएंगे। बैठक में मुख्य रूप से विधायक उमेश मलिक, विधायक विक्रम सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ सुधीर कुमार सैनी, जिला सहकारी बैंक के सभापति सत्यपाल सिंह पाल, हरीश अहलावत, शरद शर्मा, स्कूल संचालक विश्वरतन, जीबी पांडेय, ओपी चौहान, पीके निर्वाल, सतबीर सिंह आर्य, संदीप मलिक, अभिनव सुशील, धारारतन आदि मौजूद रहे।
अभिभावक रहे परेशान
मुजफ्फरनगर। बुधवार को ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के स्कूलों में अभिभावकों ने अपने वाहनों से ही बच्चों को स्कूल में छोड़ा और दोपहर को स्कूल से घर लेकर लौटे। कई दिनों से स्कूली वाहनों का संचालन प्रभावित होने के कारण अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर को स्कूलों की छुट्टी के दौरान बाइकों और कारों के कारण शहर में जाम की स्थिति बनी रही। उधर, देहात के स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही।
स्कूलों में छात्रों की संख्या कम
भोपा। स्कूल बसों के मानक बढ़ाए जाने के कारण स्कूल बसों का संचालन बंद पड़ा है, जिससे छात्र-छात्राओं सहित अभिभावक भी एक बड़ी दिक्कत से जूझ रहे हैं। स्कूलों में ट्रांसपोर्ट सेवा बंद होने से क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को डग्गामार वाहनों सहित अन्य व्यवस्थाओं का सहारा लेकर स्कूल जाना पड़ रहा है। साथ ही अति आवश्यक कार्य को भी छोड़ कर अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल लाने ले जाने की सख्त ड्यूटी देनी पड़ रही है। एक सप्ताह से बंद पड़ी पब्लिक स्कूलों के पासपोर्ट सेवा से छात्र-छात्राएं व अभिभावक हलकान है। उधर, ग्रामीण क्षेत्र में बच्चे चोरी की अफवाह के कारण ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम होती जा रही है।