मीरापुर में कड़कड़ाती ठंड मे खुले मे रात काटने को मजबूर बुजुर्ग दम्पत्ति ।
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खुले आसमान के नीचे रह रहा वृद्ध दंपती
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। मोहल्ला मुश्तर्क निवासी दंपती की पुलिस ने उस समय मदद की, जब वह खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर था।
कस्बे के मुश्तर्क मोहल्ला निवासी सूरजमल कश्यप ने अपने कच्चे मकान को पक्का करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया था। आवेदन के बाद जून माह में 50 हजार रुपये की धनराशि मकान बनाने के लिए उनके खाते में आ गई थी। इसके बाद इन्होंने अपना पूरा मकान तोड़ दिया व नीव आदि भर ली, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी सरकार के द्वारा दूसरी किस्त न मिलने के कारण इनका मकान अधूरा पड़ा है। इस वजह से ठंड में भी सूरजमल और उसकी पत्नी शांति देवी खुले में रहने के लिए मजबूर हैं। एक बेटा तीन साल पहले बीमारी से मर गया था, जबकि दूसरे बेटे की भी हाल ही में गाजियाबाद में बीमारी के चलते मृत्यु हो गई है। वृद्ध दंपती का कोई सहारा नहीं है। सोशल मीडिया पर इस संबंध में जानकारी वायरल होने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया। थाने के एसएसआई प्रदीप चीमा सोमवार को सूरजमल कश्यप के आवास पर खाद सामग्री व अन्य सामान लेकर पहुंचे। कुछ नगद धनराशि भी दी। नगर पंचायत की ओर से भी इस परिवार को रैन बसेरा में रहने के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन परिजनों ने फिलहाल वहां जाने के लिए मना कर दिया है। सूरजमल ने बताया कि उसके बेटे की जब तक तेरहवीं नहीं, होगी तब तक वह इसी मकान में रहेगा। पुलिस द्वारा गरीब दंपती की मदद करने की सभी ने प्रशंसा की है।