छपार में नवनिर्मित बिजलीघर को शुरू करने आए विद्युत अधिकारियों का भाकियू नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने घेराव किया। बाद में उन्हें बंधक बना लिया। उनके साथ खूब झड़पें हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अधिकारियों को मुक्त कराया। लेकिन उन्हें बिजलीघर शुरू किए बिना ही लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि पहले जर्जर लाइनें और आपूर्ति को दुरुस्त किया जाए। इसके बाद ही नया काम शुरू करने दिया जाएगा। इसका आश्वासन मिलने पर ही ग्रामीण शांत हुए।
छपार के गांव खुड्डा में नया बिजलीघर बना है। बुधवार देर शाम विद्युत निगम के एक्सईएन वीके अग्रवाल, एक्सईएन यशपाल सिंह, एसडीओ एसके गुप्ता एवं जेई रामनिवास त्यागी खुड्डा पहुंचे। अधिकारी बिजलीघर चालू करने के लिए विद्युत लाईन का निरीक्षण कर रहे थे। इसकी भनक किसान यूनियन के नेताओं को लग गई।
भाकियू नेताओं के साथ तीन गांव के ग्रामीण काफी संख्या में पहुंच गए। उन्होंने पहले अफसरों को घेरा और बाद में उन्हें बंधक बनाया। ग्रामीणों ने कहा कि पहले जर्जर लाइनाें को दुरुस्त किया जाए और कम से कम 14 घंटे की नियमित आपूर्ति दिलाई जाए। इसके बाद ही कोई नया काम शुरू करें।
इस बीच, निगम के अफसरों ने बिजलीघर शुरू होने से राहत के बारे में बोलना शुरू किया तो भाकियू नेताओं और अधिकारियों में तीखी नोंकझोंक हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस को भी गुस्साए ग्रामीणों ने नहीं बख्शा। थानाध्यक्ष वेद प्रकाश गिरि के साथ भी खूब झड़प हुई । दो दिन में जर्जर तार बदलाने और एक सप्ताह में शेडयूल बदलने का आश्वासन देने पर ही अधिकारी मुक्त कराए जा सके।
विरोध जताने वालों में भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष मंगता, मुर्सलीन, खुड्डा प्रधान उवेश, शाजिद अली ,अमजद, जहांगीर, शमीम त्यागी, नादिर, मुशर्रफ त्यागी, मुर्फीद, मौसम आदि शामिल रहे। रात में ही एक्सईएन वीके अग्रवाल ने मंगता, शाजिद को नामजद और दर्जनों अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध थाना छपार में तहरीर दी है। पुलिस ने अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।