जानसठ के बाजार की सड़कों पर गश्त करती पुलिस।
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जानसठ। गांव कवाल से संबंधित कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या अब तक 40 हो चुकी है। तमिलनाडु-चेन्नई से 28 प्रवासी मजदूर गांव में आए थे, जिन्हें प्रशासन ने क्वारंटीन करके सैंपल जांच के लिए भेजे थे। कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने कोरोना संक्रमितों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताते हुए प्रशासन से पूरे गांव को सैनिटाइज कराने की मांग की है।
28 प्रवासी मजदूर 17 मई को तमिलनाडु से कवाल गांव वापस आए थे। प्रवासी मजदूर दो दिन तक गांव में ही अपने परिजनों के साथ रहे। ग्रामीणों की शिकायत पर 19 मई की रात को पुलिस प्रशासन ने इन प्रवासी मजदूरों को ककरौली के किसान इंटर कॉलेज में क्वारंटीन किया था। जांच कराने पर 15 प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित निकले थे। इसके बाद प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों के परिजनों को भी कवाल में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में क्वारंटीन किया था। रविवार को भी युवतियों व महिलाओं सहित 10 ग्रामीण कोरोना संक्रमित मिले। यह सभी प्रवासी मजदूरों के परिजन हैं। कुल मिलाकर 15 प्रवासी मजदूर, 23 परिजन और दो जमाती सहित 40 लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। कवाल से संबंधित इतनी संख्या में कोरोना संक्रमित मिलने से अन्य ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि प्रवासी मजदूरों और उनके परिजनों के संपर्क में आए और भी ग्रामीणों में कोरोना हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे गांव को सैनिटाइज कराने की मांग की है।