- गैंगस्टर के मुकदमे में बयान मुल्जिम के लिए हाजिर नहीं हुआ मूंछ
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। गैंगस्टर के अलग-अलग दो मुकदमों में अदालत में हाजिर नहीं होने पर कुख्यात सुशील मूंछ के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं। एक मुकदमा 25 साल पुराना है, जिसमें मूूंछ को बयान के लिए अदालत में हाजिर होना था। प्रकरण की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या पांच (स्पेशल गैंगस्टर कोर्ट) के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने सुनवाई की। विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार पुंडीर ने बताया कि वर्ष 1998 में सुशील मूंछ, दीपक शर्मा और मनोज पंवार के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई पुलिस ने की थी। मुकदमे में मूंछ को बयान मुल्जिम के लिए अदालत में हाजिर होना था, लेकिन वह नहीं पहुंचा।
इस पर अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। उधर, वर्ष 2003 में गैंगस्टर के दूसरे मुकदमे में सुशील मूंछ के अधिवक्ता ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने इस प्रकरण में भी गैर जमानती वारंट जारी कर सुनवाई के लिए एक सितंबर की तिथि तय की है।
इन पर दर्ज हुआ था 2003 का मुकदमा
वर्ष 2003 में शराब तस्करी का मुकदमा मोरना ब्लॉक प्रमुख करहेड़ा निवासी अनिल राठी, राजीव कुमार, सुनील कुमार, ब्रह्मपाल, बेहड़ा सादात निवासी उदयवीर, मथेड़ी निवासी सुशील मूंछ, रामपुर तिराहा निवासी राजेंद्र और नेपाल निवासी किशन शर्मा के विरुद्ध भोपा थाने पर दर्ज किया गया था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। मोरना ब्लॉक प्रमुख की संपति कुर्क हो चुकी है।