- ऑडिट विभाग की जांच में पकड़ी गई खामियां, रिकवरी की तैयारी
- सहायक लेखाधिकारी के साथ अभद्रता किए जाने का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के बाद अब खंड शिक्षा अधिकारियों के त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण किए जाने का मामला सामने आया है। ऑडिट जांच में छह खंड शिक्षा अधिकारियों को रिकवरी नोटिस जारी किए हैं। जांच अधिकारी के साथ अभद्रता का आरोप भी है। स्थानीय स्तर पर विवाद गहराने के बाद ऑडिट बीच में ही रोक दिया गया है।
पिछले महीने से बेसिक शिक्षा विभाग में ऑडिट की प्रक्रिया चल रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन निर्धारण की जांच शुरू हुई तो गड़बड़ी मिली है। छठे और सातवें वेतनमान निर्धारण में मिली खामियों की जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी गई। यही नहीं ऑडिट कर रहे अधिकारियों ने त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण मिलने पर करीब 45 लाख रुपये का नोटिस भी खंड शिक्षा अधिकारियों के नाम जारी कर दिया। उधर, ऑडिटर जब बीएसए कार्यालय पहुंचे तो यहां कुछ अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। इसकी शिकायत मोबाइल पर उच्चाधिकारियों से की गई है।
पहले यह पकड़ा जा चुका मामला
बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 128 शिक्षकों के वेतन निर्धारण और पदोन्नति में गड़बड़ी सामने आई थी। गलत वेतन निर्धारण से शिक्षकों के खाते में दो करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गए। फर्जी नियुक्ति, जीपीएफ और जूते-मौजे के वितरण की भी जांच चल रही है। सहायक लेखाधिकारी प्रवीण कुमार, धर्मेंद्र कुमार और जुबैदा खातून ने इस मामले की जांच की थी।