संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले में मदरसों को नोटिस के मामले में शिक्षा विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा। जमीयत उलमा ए हिंद के साथ-साथ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने भी इस मामले पर एतराज जताया था। बीएसए शुभम शुक्ला ने खंड शिक्षा अधिकारी पुरकाजी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा नोटिस निरस्त कर दिए गए हैं।
पुरकाजी ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ज्योति प्रकाश तिवारी ने करीब 12 मदरसों को मान्यता दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया था। साथ ही कहा कि था अगर मान्यता नहीं पाई गई और मदरसा खुला पाया गया तो प्रतिदिन दस हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद जमीयत उलमा ए हिंद ने आगे आकर शिक्षा विभाग पर गलत तरीके से नोटिस दिए जाने का आरोप लगाया था। मामले ने तूल पकड़ा तो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मैत्री रस्तोगी ने भी मामले पर एतराज जताते हुए नोटिस वापस लेने की बात कही थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को डीएम के आदेश पर बीएसए शुभम शुक्ला ने अधिसूचना जारी करते हुए सभी नोटिस को निरस्त किए जाने की बात कही।
बीएसए शुभम शुक्ला की ओर से जारी की गई अधिसूचना में बताया गया कि पुरकाजी खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से मदरसों को त्रुटिवश नोटिस जारी किए गए हैं, जो उनके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत नहीं है। उन्होंने बताया कि बीईओ ज्योति प्रकाश तिवारी से मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। मदरसों के मामले में निर्णय लेने का अधिकार जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय को है। ऐसे में बीईओ पुरकाजी की ओर से मदरसों को जारी किए गए नोटिस तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाते हैं।