- केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने ली अधिकारियों की बैठक
- किसी भी गांव में गोशाला से बाहर नहीं होगा आवारा पशु
- बड़ी गोशालाओं के निर्माण के लिए चिन्हित की जाएगी जगह
- करीब चार सौ बीघा जमीन की तलाश कर रहा है प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक भी आवारा पशु सडक़ों पर दिखाई नहीं देना चाहिए। किसानों और आमजन को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिले में करीब तीन हजार पशुओं की क्षमता वाली एक बड़ी गोशाला का निर्माण कराया जाएगा। ब्लॉक प्रमुख और बीडीओ जगह चिन्हित करें।
विकास भवन के सभागार में बृहस्पतिवार को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों की बैठक ली। जिले के ब्लॉक प्रमुख, डीएम चंद्रभूषण सिंह, सीडीओ संदीप भागिया, एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह और ग्राम प्रधान मौजूद रहे। बालियान ने कहा कि जिले में आवारा पशुओं की समस्या को हम सबको मिलकर खत्म करना है। इस समस्या का निदान बड़ी गौशालाओं के खोले बिना नहीं हो सकता। प्रयास यह होना चाहिए सभी आवारा पशु गोशालाओं में ही रहे। किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। कौशल विकास राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि जगह के चिन्हांकन में ब्लाक प्रमुख और बीडीओ सहयोग करें। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल ने कहा कि किसान आवारा पशुओं से परेशान हैं।
किसानों के लिए बड़ा मुद्दा हैं आवारा पशु
विधानसभा के मुख्य चुनाव के अलावा खतौली उप चुनाव में भी आवारा पशुओं का मुद्दा चुनाव में उठता रहा। किसानों ने कहा कि पशु फसलों को चौपट कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है। विभिन्न गांव के किसान नाराजगी जता चुके हैं।
तितावी में सांड़ ने ले ली थी किसान की जान
इसी साल अगस्त में तितावी में सांड़ ने किसान राजबीर सिंह (60) को पटक-पटककर मार डाला था। बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचा रहे सांड़ को हटाने के लिए किसान खेत में गए थे। तितावी और आसपास के गांव के सैकड़ों ग्रामीण तितावी बस स्टैंड पर एकत्र होकर हंगामा किया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
हाईवे पर हादसों की वजह बन रहे निराश्रित पशु
पानीपत-खटीमा हाईवे पर तितावी और बघरा में सबसे ज्यादा निराश्रित पशु घूमते रहते हैं। रात के समय पशु हाईवे पर ही बैठते हैं, जिस कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके अलावा मुजफ्फरनगर-बड़ौत मार्ग पर भी पशुओं के कारण हादसों का खतरा रहता है।
विकास भवन में सभागार में बैठक में मौजूद अधिकारी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR