सांस लेने को ऑक्सीजन नहीं, हॉस्पिटल में बेड नहीं
मुजफ्फरनगर। जिले के लोगों के सामने विकट स्थिति बन गई है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। हालत खराब होने पर हॉस्पिटल में बेड नहीं है। लोगों की जिंदगी रामभरोसे कट रही है।
कोरोना महामारी के चलते जिले में व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। दो दिन से लोगों को ऑक्सीजन गैस नहीं मिल रही है। आईटीआई मैदान और महावीर चौक स्थित भारत ऑक्सीजन एजेंसी पर लंबी लाइन लगती है।निराश लोग घंटो लाइन में लगने के बाद परेशान हाल अपने घर लौट रहे हैं। किसी का पिता घर पर होमआइसोशन में है तो किसी का बेटा बीमार है। कोई भाई के लिए लाइन में लगा है तो कोई अपने पति के प्राण बचाने के लिए ऑक्सीजन गैस के लिए मारीमारी घूम रही है। शहर में ही करीब पांच लोग होम आइसोलेशन में है। एक तरफ ऑक्सीजन गैस नहीं है और दूसरी तरफ अस्पतालों में जगह नहीं है। उस आम आदमी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिनके परिजन गंभीर हालत में हैं। कृष्णापुरी के धीरज का कहना है कि वह दो दिन से ऑक्सीजन को लेकर परेशान है। भाई बीमार है, बड़ी परेशानी है। लद्दावाला के फारूक अपने पिता के लिए ऑक्सीजन नहीं मिलने से परेशान हैं।
सुजडू चुंगी पर स्थित आईटीआई कॉलेज पर शनिवार को लोगों की लंबी कतार लगी रही। लोग सुबह-सुबह ही सिलिंडर लेकर लाइन में लग गए थे। आनंदपुरी निवासी बंटी ने बताया कि वह छह घंटे से लाइन में लगा हुआ है, लेकिन अब भी उसे सिलिंडर नहीं मिला। अलमासपुर निवासी रवि ने बताया कि उसके पापा के लिए ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। वह लगभग आठ घंटे से लाइन में लगा रहा, मगर सिलिंडर नहीं मिला। खालापर निवासी अम्माद ने बताया कि वह दो दिन से ऑक्सीजन के लिए चक्कर काट रहा है। कोरोना रिपोर्ट के बिना ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं दे रहे हैं।
कोविड हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी नहीं
मुजफ्फरनगर। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह का कहना है कि आम आदमी को ऑक्सीजन का वितरण निरंतर नहीं हो पा रहा है। कोविड हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। गंभीर बीमारों को बेड भी दिला रहे हैं।