फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

न प्रशासन की अनुमति, न फायरब्रिगेड की एनओसी

विज्ञापन
रुड़कली में बायोडीजल पंप - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
न प्रशासन की अनुमति, न फायरब्रिगेड की एनओसी
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। गांव रुड़कली में चल रहा बायो डीजल पंप पूरी तरह से अवैध था। न तो प्रशासन या डीएसओ दफ्तर से इसकी अनुमति ली गई और न ही फायरब्रिगेड से एनओसी। भीषण अग्निकांड में अब जांच से बचने के लिए बायो डीजल पंप संचालक रातोंरात उसे ताला लगाकर फरार हो गए हैं।
भोपा थाना क्षेत्र के गांव रुड़कली स्थित बायो डीजल पंप कई साल से चल रहा था, जहां डीजल के साथ ही अवैध रूप से पेट्रोल की भी बिक्री की जाती थी। जांच से बचने के लिए पेट्रोल को पंप के ऑफिस में रखा जाता था, जहां से चोरी-छिपे उसकी बिक्री की जाती थी। मंगलवार को पंप के ऑफिस में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने इसकी कुंडली खंगालनी शुरू की तो बड़ी लापरवाही सामने आई। बायो डीजल पंप अवैध रूप से चल रहा था, जिसके संचालन के लिए न तो प्रशासन से किसी तरह की अनुमति ली गई थी और न ही जिला पूर्ति विभाग से। यही नहीं, नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए फायरब्रिगेड से भी एनओसी नहीं ली गई थी। यही कारण रहा कि अग्निकांड होने व एक व्यक्ति की जान जाने के बावजूद बायो डीजल पंप के संचालक द्वारा इसकी पुलिस-प्रशासन या फायरब्रिगेड को कोई जानकारी नहीं दी गई। यही नहीं, बुधवार को जब फायरब्रिगेड कर्मचारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे तो इससे पहले ही संचालक पंप को ताला लगाकर रफूचक्कर हो गए। वहीं, जिला पूर्ति विभाग की टीम ने बंद पड़े पंप से बायो डीजल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं, ताकि यह पुष्ट हो सके कि बायो डीजल की आड़ में किसी अन्य ज्वलनशील तरल की तो बिक्री नहीं की जा रही थी।
विज्ञापन

इन्होंने कहा ..........
बायो डीजल पंप के लिए उनके विभाग से किसी तरह की एनओसी नहीं ली गई थी। इसीलिए फायरब्रिगेड को घटना की जानकारी तक नहीं दी गई। बुधवार को जब जांच के लिए टीम रुड़कली पहुंची तो संचालक पंप को ताला लगाकर फरार हो गए। - रमाशंकर तिवारी, सीएफअ
विज्ञापन

विभाग से भी बायो डीजल पंप संचालन की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के चलते बायो डीजल की बिक्री की जा सकती है। इसमें कोई अन्य ज्वलनशील पदार्थ तो नहीं मिलाया गया, इसकी जांच की जा रही है। पंप से सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। - जाकिर हुसैन, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें