भोपा। जौली और नंगला बुजुर्ग गंग नहर पटरी के बीच केमिकल युक्त काली राख डालने वालों पर पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं है। कई लोग झुलस चुके है, रिपोर्ट दर्ज है, लेकिन पुलिस आंख बंद किए बैठी है। बुधवार को कार्रवाई करने के बजाए पुलिस ने पुलिस प्रशासन ने केमिकल युक्त काली राख के आसपास क्षेत्र की चारों और बैरिकेडिंग कराई गई है। चेतावनी वाला बोर्ड भी लगाया गया है।
जौली और नंगला बुजुर्ग गंग नहर पटरी के बीच केमिकल युक्त काली राख पड़ी हुई है। मंगलवार को सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव भिक्की निवासी मोमीन और उसका भतीजा सैफ इसमें झुलस गए थे। इसकी सूचना पर उपजिलाधिकारी अभिषेक कुमार, नायब तहसीलदार जसमेंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी गिरजा शंकर त्रिपाठी ने घटना स्थल का मुआयना किया था। एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि जितने क्षेत्र में केमिकल युक्त राख पड़ी हुई है, उस स्थान की बैरिकेडिंग करा दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने राख के सैंपल लिए हैं।
लगातार हो रहे हादसे
18 दिन पूर्व भी इसी केमिकल युक्त राख से नगला बुजुर्ग निवासी मोहम्मद नबी झुलस गया था, जिसकी हालत अभी भी ठीक नहीं है। इससे पूर्व भी अनेकों जीव जंतु व कई लोग झुलस चुके हैं। मामले में नगला बुजुर्ग निवासी इरफान सहित उसके दो बेटों के विरुद्ध रिपोर्ट भी दर्ज की जा चुकी है। थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि जांच पड़ताल जारी हैं, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।