भगवान आदिनाथ का निर्वाण कल्याणक महोत्सव मनाया
खतौली। पीसनोपाड़ा व जैन मंडी मंदिर में भगवान आदिनाथ के मोक्ष कल्याणक महोत्सव को भक्तों ने श्रद्धा से मनाया गया। भक्ति समारोह में स्त्री, पुरुष और बच्चे पीत व केसरिया वस्त्रों में एकत्र हुए। मांगलिक अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधान का आयोजन धार्मिक मंत्रों के साथ किया। भक्तों ने भगवान का अभिषेक व शांतिधारा के साथ पूजा-अर्चना की गई। भगवान आदिनाथ की पूजा के साथ उन्हें मोक्ष कल्याणक के अर्घ्य समर्पित किए गए।
धर्मसभा में कल्पेन्द्र जैन व अशोक शास्त्री ने बताया कि भगवान आदिनाथ जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं। तीर्थंकर आदिनाथ की शिक्षाएं मानवता के कल्याण के लिए है। उनके उपदेश आज भी समाज में समता स्थापित करने के लिए प्रासंगिक हैं। तीर्थंकर ऋषभदेव भारतीय संस्कृति के प्रणेता माने जाते हैं। मानव समुदाय को कृषि, लेखन, व्यापार व शिल्प की शिक्षा दी। मानवता को कर्म का संदेश दिया। जिनेंद्र भगवान की आरती व भक्ति नृत्य किए गए। धार्मिक प्रश्न मंच व सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए। श्रद्धालुओं द्वारा स्वाध्याय व तत्वचर्चा आयोजित की गई। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु हस्तिनापुर तीर्थवंदना के लिए गए व निर्वाण कल्याणक के लाड्डू अर्पित किए। धार्मिक विधान व महोत्सव में राजकुमार प्रवक्ता, मुकेश आढ़ती, शशांक महलका, हितेश सराफ, अनंतवीर, राहुल, निशांत, नवीनचार, मनोज आढ़ती, मुनेश, कुलदीप प्रवक्ता, रवि, सिद्धार्थ, प्रदीप टीकरी, नवीन, दीपक, सुशील, नीरज जैन प्रवक्ता, सपना, रुपाली, डा. ज्योति, संतोष, प्रियंका, अंजू, माया, पुष्पा, शकुंतला, राखी, कविता, अलका आदि मौजूद रहे।