फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनजीटी की बड़ी कार्रवाई: मुजफ्फरनगर में प्रदूषण फैलाने पर डिस्टलरी पर 50 करोड़, शुगर मिल पर पांच करोड़ का जुर्माना

Wed, 16 Feb 2022 04:24 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
विज्ञापन
प्रदूषण- प्रतीकात्मक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मंसूरपुर स्थित सर शादी लाल डिस्टलरी एंड केमिकल पर पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने और प्रदूषण फैलाने पर 50 करोड़ रुपये और डीएसएम शुगर मिल मंसूरपुर पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दो अलग-अलग मामलों में एनजीटी ने निर्देशों के अनुपालन के लिए 30 अप्रैल, 22 तक का समय दिया है। 

विज्ञापन


एडवोकेट विनीत कुमार ने बताया कि सितंबर, 20 में पर्यावरण मानकों की अनदेखी पर उन्होंने एनजीटी में रिट दाखिल की थी। एनजीटी ने इसका संज्ञान लिया और संयुक्त कमेटी बनाकर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। 30 नवंबर, 21 को कमेटी ने रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट पर 11 फरवरी को सुनवाई करते हुए एनजीटी ने डिस्टलरी पर 50 करोड़ का जुर्माना लगाया है।

यह भी पढ़ें: रविदास जयंती पर टला विवाद: सहारनपुर में शोभायात्रा से पहले दो पक्षों में संघर्ष से तनाव, पुलिस बल तैनात

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा आवेदक ने 29 जनवरी, 21 को डीएसएम शुगर मिल मंसूरपुर के विरुद्ध शिकायत की थी। इस पर भी कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी गई थी। कमेटी ने इस बारे में रिपोर्ट 29 जून, 21 को दाखिल की थी। एनजीटी ने 18 अगस्त, 21 को दोबारा रिपोर्ट मांगी, जिसके बाद तीन जनवरी को मिल की रिपोर्ट दाखिल की गई। इस शिकायत पर भी 11 फरवरी को ही सुनवाई हुई। 

संयुक्त कमेटी को निर्देशों के अनुपालन में 30 अप्रैल, 22 तक रजिस्ट्रार जनरल एनजीटी के समक्ष जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। निर्देशों के अनुपालन की प्रतिलिपि केंद्र और राज्य सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा मुजफ्फरनगर के डीएम और मंडलीय वन अधिकारी को भी भेजने का आदेश दिया है।  

सख्त कार्रवाई के आदेश के बाद भी अमल नहीं हुआ
संयुक्त कमेटी ने 26 नवंबर, 20 में डिस्टलरी का निरीक्षण किया था। एक जनवरी, 21 मे संयुक्त कमेटी ने एनजीटी में रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें पर्यावरण मानकों का उल्लंघन पाया गया था। यही नहीं, संयुक्त कमेटी ने 32.40 लाख का जुर्माना व उत्पादन क्षमता 150 केएलडी से घटाकर 75 केएलडी करने की सिफारिश की थी। 23 फरवरी, 21 को सुनवाई में सीपीसीबी व यूपीपीसीबी को डिस्टलरी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया था लेकिन कुछ नहीं हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें