इसके अलावा आवेदक ने 29 जनवरी, 21 को डीएसएम शुगर मिल मंसूरपुर के विरुद्ध शिकायत की थी। इस पर भी कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी गई थी। कमेटी ने इस बारे में रिपोर्ट 29 जून, 21 को दाखिल की थी। एनजीटी ने 18 अगस्त, 21 को दोबारा रिपोर्ट मांगी, जिसके बाद तीन जनवरी को मिल की रिपोर्ट दाखिल की गई। इस शिकायत पर भी 11 फरवरी को ही सुनवाई हुई।
संयुक्त कमेटी को निर्देशों के अनुपालन में 30 अप्रैल, 22 तक रजिस्ट्रार जनरल एनजीटी के समक्ष जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। निर्देशों के अनुपालन की प्रतिलिपि केंद्र और राज्य सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा मुजफ्फरनगर के डीएम और मंडलीय वन अधिकारी को भी भेजने का आदेश दिया है।
सख्त कार्रवाई के आदेश के बाद भी अमल नहीं हुआ
संयुक्त कमेटी ने 26 नवंबर, 20 में डिस्टलरी का निरीक्षण किया था। एक जनवरी, 21 मे संयुक्त कमेटी ने एनजीटी में रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें पर्यावरण मानकों का उल्लंघन पाया गया था। यही नहीं, संयुक्त कमेटी ने 32.40 लाख का जुर्माना व उत्पादन क्षमता 150 केएलडी से घटाकर 75 केएलडी करने की सिफारिश की थी। 23 फरवरी, 21 को सुनवाई में सीपीसीबी व यूपीपीसीबी को डिस्टलरी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया था लेकिन कुछ नहीं हुआ।