मुजफ्फरनगर। छपार टोल के उप प्रबंधक अरविंद पांडेय की अपहरण के बाद हत्या के मामले में लापरवाही पर छपार थाना प्रभारी गजेंद्र कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया। चौकी प्रभारी सहित दो दरोगा भी हटाए गए। उधर, टोल पर कर्मचारियों ने नौकरी से निकालने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया।
टोल मैनेजर मुकेश चौहान व सहायक मैनेजर अरविंद पांडेय पर 18 सितंबर की रात में हमले व सहायक मैनेजर की हत्या के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप है। पुलिस ने अभी तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन दो मुख्य आरोपी पकड़ से बहार हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। रात में डयूटी पर तैनात दरोगा रजत सिंह व छपार चौकी प्रभारी शुभम त्यागी की भी लापरवाही मानते हुए दोनों को हटाया गया है। थाना प्रभारी के रूप में तितावी थाने के एसएसआई मोहित कुमार का चार्ज दिया गया है। सीओ सदर रवि शंकर मिश्रा का कहना है कि आरोपी शिव मलिक और वीशू की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीम लगी है।
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ये था मामला
छपार टोल के गेस्ट हाउस से 18 सितंबर की रात में टोल के ही कर्मचारी शुभम व शिव मलिक ने अपने साथियों के साथ मैनेजर मुकेश चौहान व सहायक मैनेजर अरविंद पांडेय पर जानलेवा कर दोनों को घायल कर दिया था। अरविंद को अपहरण कर ले जाकर हत्या कर मेरठ के थाना जॉनी के गांव भोला के जंगल में शव फेंक दिया था। अपहरण और हत्या के मामले में थाना प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगा। पुलिस ने थाने पहुंचे घायल मैनेजर मुकेश चौहान को यह कहकर वापस भेज दिया गया था कि अब पट्टी करा लो, सुबह आना मेडिकल कराया जाएगा।
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छपार टोल पर किया धरना प्रदर्शन
कर्मचारियों ने छपार टोल पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद ड्यूटी से हटाए गए टोल कर्मियों के साथ कलक्ट्रेट में राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राहाण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने धरना दिया। रालोद नेता टोल ठेकेदार विनोद मलिक पर आरोप लगाए। मृतक के परिजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व दो करोड़ का मुआवजा दिलाने की मांग की।मांगे राम त्यागी ने कहा कि टोल ठेकेदार ने स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर गलत किया है। कर्मचारियों ने ठेकेदार के रुपये मांगने का विरोध जताया था। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उधर, सोमवार को टोल से हटाए गये कर्मचारी टोल कंट्रोल रूम के पास धरने पर बैठ गए। एनएचएआई के मैनेजर कुलदीप सिंह, आजाद शर्मा, नितिन शर्मा मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों के साथ आसपास के गांव के लोग भी धरने पर बैठे गए। इस मौके पर शुभम, रोबिन, सोनू, विवेक, जयवीर, प्रमोद, अक्षु त्यागी, मयंक त्यागी, कमल त्यागी, अंकित गुर्जर,पायल, रोहिनी मौजूद रहे।
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टोल ठेकेदार विनोद मलिक ने मांगी सुरक्षा
ठेकेदार विनोद मलिक ने कहा कि वह स्थानीय कर्मचारियों का वेरिफिकेशन कराना चाहते है। कर्मचारी ऐसा नही चाहते। दोनों हत्यारोपी भी इसी के चलते डयूटी मांग रहे थे। मना करने पर घटना की गई। कुछ लोगों को पैसे चाहिए। उनका टोल साजिश के तहत बंद करा दिया गया। उन्हें 15 लाख का नुकसान हुआ है। उन पर गलत दबाव बनाया जा रहा है। एसएसपी को शिकायती पत्र देकर सुरक्षा की मांग की।