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Muzaffarnagar News: सिक्किम के हादसे में शहीद हुआ नायक लोकेश, युसूफपुर गांव में गम का माहौल

Fri, 23 Dec 2022 10:25 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, भोपा (मुजफ्फरनगर)।

सार

सिक्किम के जेमा में शुक्रवार सुबह एक सैन्य ट्रक के खाई में गिरने से सेना के 16 जवान शहीद हो गए। यह ट्रक तीन वाहनों के काफिले का हिस्सा था, जो चटन से सुबह थंगू की ओर बढ़ा था। जेमा के रास्ते में वाहन एक तीखे मोड़ पर एक खड़ी ढलान पर फिसल गया।
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शहीद लोकेश कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिक्किम में हुए हादसे में युसूफपुर गांव के रहने वाले नायक लोकेश कुमार भी शहीद हुए हैं। नौ साल पहले सेना की 25 ग्रेनेडियर में भर्ती हुए नायक दस दिन पहले ही एक माह की छुट्टी पूरी कर ड्यटी पर लौटे थे। नायक की शहादत की सूचना के बाद जिला गम में डूब गया।

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युसूफपुर गांव के किसान उदयवीर सिंह का बेटा लोकेश कुमार करीब नौ साल पहले सेना में नायक के पद पर भर्ती हुए थे। एक महीने की छुट्टी पूरी कर वह दस दिन पहले वापस लौटे थे। परिवार को बताया था कि बंगाल होते हुए सिक्किम जाना है।

बृहस्पतिवार रात परिवार के लोगों से बात हुई थी, जिसमें नायक लोकेश कुमार ने बताया था कि सैनिक गहरे स्थान पर तैनात हैं और शुक्रवार को यहां से वापस लौटेंगे। लेकिन शुक्रवार को सिक्किम में हादसे की सूचना मिली, जिससे परिजन आशंकित हो उठे।
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परिवार ने कई बार कॉल कीं, लेकिन दूसरी तरफ से जवाब नहीं मिला। परिजन दिनभर परेशान रहे। उधर, देर रात शहीद सैनिकों की सूची सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। देर रात पुलिस भी लोकेश कुमार के घर पर पहुंच गई। 

इकलौते बेटे ने दिया सर्वोच्च बलिदान
देर रात तक पीड़ित परिवार के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। परिवार में किसान पिता उदयवीर सिंह, मां कुसुम, पत्नी तनु है। बहन रश्मि की शादी करहेड़ा गांव निवासी रॉकी से हुई है। सैनिक घर का इकलौता बेटा था।

वालीबॉल के खिलाड़ी थे लोकेश
शहीद लोकेश कुमार वालीबॉल के शानदार खिलाड़ी थे। खेल कोटे से ही वह सेना में भर्ती हुए थे। साथी खिलाड़ी भी गमजदा हैं।

शुक्रवार सुबह हुआ था हादसा
सिक्किम के जेमा में शुक्रवार सुबह एक सैन्य ट्रक के खाई में गिरने से सेना के 16 जवान शहीद हो गए। यह ट्रक तीन वाहनों के काफिले का हिस्सा था, जो चटन से सुबह थंगू की ओर बढ़ा था। पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत के मुताबिक, जेमा के रास्ते में वाहन एक तीखे मोड़ पर एक खड़ी ढलान पर फिसल गया।

उन्होंने बताया कि एक बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया और चार घायल सैनिकों को हवाई मार्ग से निकाला गया। इसमें दुर्भाग्य से तीन जूनियर कमीशंड अधिकारियों और 13 सैनिकों ने दुर्घटना में लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया।

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