गांव, गली से लेकर देश और विदेशों में युवाओं ने छोड़ी अपनी छाप
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/मोरना। योग में जिले के युवा अपनी प्रतिभा का डंका बजा रहे हैं। गांव, गली से लेकर देश और विदेशों में युवाओं ने अपनी छाप छोड़ी है। कोरोना संक्रमण जैसी मुश्किलें भी राह नहीं रोक पाई। चीन में जिले के युवाओं की संख्या कोरोना संक्रमण के बाद भले ही कम हुई हो, लेकिन अब भी वर्चुअल तरीके से देश-विदेश में योग कक्षाएं जारी हैं। उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शहरों में जिले के योग गुरु योग सिखा रहे हैं।
चीन से हरिद्वार तक सिखा रहे योग
गांव सिकंदरपुर निवासी विपिन गोलियान हरिद्वार में दिव्य योग केंद्र नामक प्रशिक्षण शिविर चला रहे हैं। यहां देश-विदेशी लोग उनसे योग क्रियाएं सीख रहे हैं। कोरोना काल से पहले विपिन चीन में योग सिखाते थे, लेकिन अब देश में ही योग का प्रचार कर रहे हैं।
योग में नाम ऊंचा कर रहे भाई-बहन
कसबा भोकरहेड़ी निवासी भाई बहन अक्षय और अक्षिता सहरावत ने पतंजलि यूनिवर्सिटी से योग में डिग्री हासिल की। अब दोनों नोएडा में ऑनलाइन देश-विदेश के लोगों को योग क्रियाएं सिखा रहे हैं। दोनों योग में जिले का नाम ऊंचा कर रहे हैं।
किसान की बेटी बन गई योगाचार्य
शुकतीर्थ निवासी मानवी चौधरी ने योग को अपने जीवन का आधार बना लिया है। जिम सहित अनेक स्थानों पर योग क्रिया सिखाने का काम प्रतिदिन करती है। दिल्ली, नोएडा, ऋषिकेश, मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी मानवी चौधरी ने अनेकों प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए हैं। पिता किसान सुरेंद्र चौधरी से बेटी को योग की प्रेरणा मिली।
कवाल में योग सिखा रहे हैं विजय कुमार
जानसठ कस्बे के मोहल्ला बुधबाजार निवासी योग प्रशिक्षक विजय कुमार गांव कवाल स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में ग्रामीणों को योग क्रियाएं सिखा रहे हैं। विजय कुमार ने बताया कि वह दो वर्ष से यहां साधकों को योग क्रियाएं सिखा रहे हैं। हरिद्वार के संस्कृत विश्वविद्यालय से योग में पीएचडी भी कर रहे हैं। संवाद
कई देशों के लोगों को दे रहे ऑनलाइन प्रशिक्षण
शाहपुर के गांव काकड़ा के अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट योगाचार्य शिवम गोस्वामी ऋषिकेश में लक्ष्य एकेडमी चला रहे हैं। योगाचार्य ने बताया कि उनके यहां प्रशिक्षण लेने वाले बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर चुके है। आधा दर्जन देशों के लोग उनसे ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहे हैं। लक्ष्य योग फाउंडेशन की स्थापना की, जिसके जरिए योग का प्रचार कर रहे है। योग साधना से कम नहीं है।
भोकरहेड़ी के आशीष ने योग को बनाया जीवन
कस्बा भोकरहेड़ी के आशीष सहरावत ने लक्ष्मी बाई इंस्टीट्यूट फिजीकल एजुकेशन ग्वालियर से शिक्षा प्राप्त की। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ से साइंस योगा कर रहे हैं। किसान मिंटू चौधरी के पुत्र आशीष ने भी विदेशों में योग क्रियाएं सिखाने का संकल्प लिया है। हाल में वह मध्य प्रदेश ग्वालियर में सैकड़ों साधकों को प्रतिदिन योग क्रियाएं सिखा रहे हैं।