- अवैध तरीके से बनाई गई मजारे ध्वस्त करें सरकार
- आर्य समाज के पदाधिकारियों ने पीर-मजारों को बताया संस्कृति विरुद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि पीर और मजारों से देश में अंधविश्वास और पाखंड बढ़ा है। उत्तराखंड की तरह यूपी में भी अवैध कब्जे कर बनाई गई मजारे सरकार ध्वस्त करें।
संतोष विहार में वैदिक संस्कार केंद्र पर मंगलवार की सुबह वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ में आहुतियां दी गईं। आर्य समाज की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आचार्य कुंवरपाल आर्य को अंगवस्त्र एवं सम्मान राशि भेंट की गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वेद ईश्वरीय वाणी है। विश्व में संस्कृति, संस्कार, सभ्यता, ज्ञान- विज्ञान का मूल स्त्रोत वेद है। ऋषि-मुनियों ने तप, त्याग और सेवा से मानवमात्र को कल्याण का मार्ग दिखाया। हिंदू पीर और मजारों पर ना जाएं। इस अंधविश्वास से सनातन परम्पराओं की क्षति हो रही है। बुराइयों के उन्मूलन से समाज बचेगा। महर्षि दयानंद ने पाखंड के विरुद्ध बिगुल फूंका और हिंदुओं की रक्षा की।
आचार्य कुंवर पाल आर्य ने कहा कि युवा आर्य समाज से जुड़े, ताकि उन्हें सत्य ज्ञान का बोध हो सके। स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज का संघर्ष, बलिदान महत्वपूर्ण है। स्वामी धर्मानन्द, नरदेव वानप्रस्थी, आरपी शर्मा जनेश्वर प्रसाद आर्य, मंगत सिंह आर्य, पूर्व प्रवक्ता गजेंद्र पाल सिंह, पुष्पेंद्र आर्य, डॉ नीरज शास्त्री आदि मौजूद रहे।