हत्यारोपी आलम राना और गमजदा पिता व ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
शाहपुर क्षेत्र के गांव नया मीरापुर क्षेत्र में पीनना बाईपास पर बेटे ने सौतेली मां रजिया (50) की सिर में फावड़ा मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने फावड़ा बरामद कर आरोपी आलम राना को गिरफ्तार कर लिया है। आलम के पिता महराज ने एक साल पहले की दूसरी शादी की थी।
मौके पर एकत्र ग्रामीण।
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सुजडू के मूल निवासी करीब 55 वर्षीय महराज ने नया गांव मीरापुर के रकबे में पीनना बाईपास पर लगभग दो बीघा जमीन खरीदकर वहां अहाता बनाया है। इसमें एक कमरा बनाकर वह अपनी पत्नी रजिया के साथ लगभग एक साल से रह रहा था। उसने काफी जमीन प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्टरी के संचालक को किराए पर दे रखी है।
बृहस्पतिवार शाम लगभग पांच बजे महराज एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुजडू गया था। इसी दौरान उसके पड़ोसी ने सूचना दी कि उसकी पत्नी की हत्या कर दी गई है। वह मौके पर पहुंचा और उसने पुलिस को सूचना दी। थाना शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची तो महराज पुलिस के साथ घर में अंदर गया। उसे अपनी पत्नी का शव घर के मुख्य गेट के पीछे पड़ा मिला। सिर में धारदार हथियार से वार कर हत्या की गई थी।
पुलिस ने महराज व मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी लेकर शव को मोर्चरी भेज दिया। एसपी देहात आदित्य बंसल व सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। एसपी देहात का कहना है कि महिला की हत्या उसके बेटे आलम राना ने की थी। उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसने संपत्ति विवाद में हत्या करने की बात कही है।
बेटे पर लगाया हत्या का आरोप
महराज ने अपने ही बेटे आलम पर हत्या का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसकी पहली पत्नी की डेढ़ साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। रजिया से उसने एक साल पहले शादी की थी। वह उसके साथ नया गांव मीरापुर में अपनी जमीन पर बनाए कमरे में था। उसका बेटा आलम इस जमीन को अपने नाम कराना चाहता था। वह उसका इकलौता बेटा है।
उसने 100-200 गज जमीन मांगी थी और बाकी की जमीन बेटे को नाम कराने को कहा था। लेकिन उसका बेटा राजी नहीं था। बृहस्पतिवार को जब वह सुजडू गया था तो उसका बेटा घर के पास ही बैठा था। उसने उसकी पत्नी की हत्या की है। दिन में भी उसकी बेटे के साथ कहासुनी हुई थी। बताते हैं कि आरोपी युवक एक किसान संगठन से भी जुड़ा हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि आलम अपने पिता के दूसरी शादी करने से खुश नहीं था और सौतेली मां को पसंद नहीं करता था।
फैक्टरी में नहीं था कोई मजदूर
बताते हैं कि दाना बनाने की फैक्टरी में रोज तीन-चार मजदूर रहते थे। कांवड़ के कारण मजदूर न आने से फैक्टरी बंद थी। इस कारण महिला अपने घर पर अकेली थी। शव घर के गेट के पीछे पड़े मिलने से ऐसा भी प्रतीत हो रहा है जैसे महिला जान बचाकर गेट खोलकर बाहर भागना चाहती थी। लेकिन उसे बचने का मौका नहीं मिल पाया।
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