दिव्या काकरान के दादा का फाइल फोटो।
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हमेशा कुश्ती और पहलवानों को बढ़ावा देने वाले पुरबालियान गांव के राजेंद्र सिंह (82) का बीमारी के चलते निधन हो गया। अपनी पोती अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान को उन्होंने हमेशा खेलों के लिए प्रोत्साहित किया।
मुजफ्फरनगर के गांव पुरबालियान निवासी राजेंद्र सिंह अपने जमाने में दंगलों के ख्यातिलब्ध पहलवान रहे। उन्होंने मंसूरपुर क्षेत्र का नाम रोशन किया। उन्होंने पहले अपने बेटे सूरज पहलवान और फिर पोती दिव्या काकरान को प्रोत्साहित किया।
सूरज पहलवान ने बताया कि उनके पिता पुरबालियान गांव में ही रह रहे थे। वह लंबे समय से बीमार थे। बुधवार सुबह उन्होंने गांव में ही अंतिम सांस ली। निधन का समाचार मिलते ही आसपास के लोग घर पर पहुंचे और दुख जताया। कुश्ती जगह के लोगों ने भी उनके निधन पर दुख जताया। गांव में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दिव्या भी अपने बाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली से गांव में पहुंची थीं।
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आज दिव्या को किया जाएगा सम्मानित
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में कांस्य पदक और गुजरात के नेशनल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता दिव्या काकरान को गणतंत्र दिवस पर लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा। सरकार की ओर से उन्हें नगद धनराशि भी भेंट की जाएगी। दिव्या बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना होंगी।