पुलिस ने बड़कली फाटक के पास अवैध शस्त्रों की डील होने की सूचना पर दबिश देकर सातों युवकों को गिरफ्तार किया। इनसे 3 पिस्टल, 4 तमंचे बरामद किए। गिरोह के सरगना रक्षित त्यागी की तलाश की जा रही है।
एसओजी और शहर कोतवाली पुलिस ने विक्की त्यागी के बेटे रक्षित त्यागी गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनसे पिस्टल खरीदने आए दो अन्य युवकों को भी दबोचा। सातों आरोपी नई उम्र के हैं। इंस्टाग्राम पर बाबा गिरोह के नाम से ग्रुप बनाकर ऑनलाइन ऑर्डर लेते हैं। पुलिस ने इनके पास से 3 पिस्टल, 4 तमंचे, मोबाइल व एक बाइक बरामद की। गिरोह के सरगना रक्षित त्यागी की पुलिस को तलाश है।
विज्ञापन
पुलिस लाइन में एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि शहर कोतवाली पुलिस व एसओजी ने बड़कली फाटक के पास अवैध शस्त्रों की बड़ी डील होने की सूचना पर दबिश देकर सात युवकों को गिरफ्तार किया। गिरोह का सरगना विक्की त्यागी का बेटा हिस्ट्रीशीटर रक्षित त्यागी है। दो युवक तुषार व वंश पिस्टल खरीदने आए थे, जबकि अन्य पांच युवक अवैध शस्त्रों के सप्लायर रक्षित त्यागी गिरोह के सदस्य हैं। सभी को मौके से पकड़ा गया। बरामद बाइक आरोपी ऋतिक अपने दोस्त से मांग कर लाया था। प्रेसवार्ता में शहर कोतवाली प्रभारी एएसपी राजेश गुनावत भी मौजूद रहे।
शौक पूरा करने को खरीद रहे थे पिस्टल
पुलिस ने बताया कि तुषार शहर के एक सराफ का बेटा है। वंश एक सराफ की दुकान पर काम करता है। दोनों दोस्त हैं। दोनों को पिस्टल शौक पूरा करने के लिए खरीदना था।
ये हैं शातिर अपराधी
गिरफ्तार उज्ज्वल त्यागी शातिर अपराधी है, उसने गांधी कॉलोनी में फायरिंग की थी। पिस्टल सप्लायर भी है। ऋतिक मुठभेड़ में शाहपुर में पहले पकड़ा गया था। शुभम गिरी व ऋतिक चचेरे भाई हैं। पुलिस सभी का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। विवांक व ऋतिक हथियार खरीदने वाले युवकों को लेकर आते हैं। हथियार रक्षित उपलब्ध कराता है। हथियार बेचने के बाद रक्षित त्यागी सभी को हिस्सा बांट देता है।
देहरादून में डाला है डेरा
पुलिस का कहना है कि रक्षित गिरोह अधिकांश तौर पर देहरादून रहता है। हथियार सप्लाई के समय इधर आता है और सप्लाई करने के बाद फरार हो जाता है।
50 से 60 हजार रुपये तक बेचते हैं पिस्टल
विक्की त्यागी के बेटे रक्षित त्यागी ने नई उम्र के युवकों को जोड़ कर अवैध शस्त्रों की खरीद फरोख्त का धंधा किया हुआ है। इंस्टाग्राम सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर यह गिरोह अपना धंधा चलाता है। बरामद 32 बोर की पिस्टल मध्यप्रदेश से लाई जाती हैं। एक पिस्टल 50 से 60 हजार रुपये तक बेची जा रही है।