सरकार को समझा था नई बहू
ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि नई सरकार बनीं थी। सबको उम्मीद जग गई थी, लेकिन धरातल पर इसके उलट हुआ। कटाक्ष किया कि हमने सरकार को नई बहू की तरह समझा था। किसानों ने सोचा था कि कुछ दिन में उनके हित में कार्य होंगे, लेकिन सरकार ने चिल्लतर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
किसान मजदूर संगठन ने यह रखी मांग
- देश में शिक्षा और चिकित्सा बिल्कुल मुफ्त होनी चाहिए
- किसनों को मूल्य तय करने का अधिकार दिया जाए
- स्नातकों को रोजगार या बेरोजगारी भत्ता दिया जाए
- फैक्ट्रियों में जाने से नदियों का पानी रोका जाए
- देश के किसानों का कर्ज माफ करें सरकार
- पीएम किसान निधि का हर किसान को लाभ मिले
- जनप्रतिनिधियों की पेंशन बंद की जाए
अध्यक्षता ठाकुर पूरण सिंह और संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता ललित राणा ने किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनु मलिक, दीपक सोम, ठाकुर अजब सिंह, बिल्लू राणा, राहुल ठाकुर, देवराज पुंडीर, सुधीर त्यागी, कृष्णपाल, चंद्रगुप्त चेयरमैन, कालूराम हिलवाड़ी, नरेंद्र पुंडीर, लोकेंद्र भोजपुर मौजूद रहे।
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भाजपा सरकार से यह भी रखी मांग
किसानों के लिए सरकार बिजली फ्री करें। किसानों के खेतों में खड़े पेड़ों की अनुमति न लेनी पड़े। गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। जिस किसान की जमीन अधिग्रहण की जाए, उसके एक व्यक्ति को रोजगार मिले।