न्यायालय ने आठ जुलाई को आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया यह माना है कि नोटिस तामील न करवाने का अर्थ है कि पुलिस अभियुक्त सुशील उर्फ मूंछ को अपील में हुए विलंब का लाभ देना चाहती है। न्यायालय ने अभियुक्त सुशील उर्फ मूंछ को 15 जुलाई को नोटिस के जरिये तलब किया था। बुधवार को पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल नहीं की। थाना प्रभारी रतनपुरी राकेश कुमार का कहना है कि सुशील मूंछ के घर पर कोई नहीं मिला है।
अदालत घोषित कर चुकी भगोड़ा
अदालत ने पिछले साल सुशील मूंछ को गैंगस्टर के 25 साल पुराने मुकदमे में हाजिर नहीं होने पर भगौड़ा घोषित किया था। हत्या और हत्या के प्रयास के मुकदमों के आधार पर 2001 में मथेड़ी निवासी सुशील मूंछ, शहर के अग्रसेन विहार निवासी कुंवरपाल और चंदन के खिलाफ तत्कालीन सिविल लाइन एसओ श्रीभगवान शर्मा ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचना एसओ डीएन वर्मा ने की। बचाव पक्ष ने प्रकरण में हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। इस दौरान चंदन की मृत्यु हो गई। अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण पिछले साल 30 जनवरी को सुशील मूंछ के स्थायी वारंट जारी किए थे और पत्रावली दफ्तर दाखिल कर दी गई है। इससे पहले पुलिस की ओर से एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
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